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दालचीनी के फायदे और बेहतरीन औषधीय गुण

दालचीनी, Health Benefits of Cinnamon (Dalchini) in Hindi
Health Benefits of Cinnamon (Dalchini) in Hindi
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अमृतमय औषधीय प्रयोग | Amazing Benefits Of Cinnamon (Dalchini) – परिचय : दालचीनी एक प्रकार की छाल होती है तो दालचीनी के पेड़ से निकली जाती है। दुनिया भर में दालचीनी को मसाले  के रूप में उपयोग किया जाता है। इसमें तेज गंध आती है।  इसका इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है।  आइये जानते है दालचीनी[1] के फायदे और नुकसान के  बारे में।

1. दालचीनी के फायदे और बेहतरीन औषधीय गुण

  • दालचीनी के औषधीय उपयोग – Health Benefits of Dalchini in Hindi
  • दालचीनी की तासीर गुण – Cinnamon properties in Hindi
  • दालचीनी सेक्स पावर बढ़ाने वाली – Cinnamon Enhance Sex Power in hindi
  • दालचीनी पाचन शक्ति बढ़ाने वाली – Cinnamon digestion enhancer in hindi
  • दालचीनी शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाती है – Cinnamon increases the immunity of the body
  • दालचीनी की मात्रा – The amount of cinnamon
  • दालचीनी से नुकसान – cinnamon side effects in hindi

Health Benefits of Cinnamon (Dalchini) in Hindi

 

1. दालचीनी की तासीर गुण

दालचीनी की सुगंध मन को प्रसन्न कर देती है। और  सभी प्रकार  के दोषों को दूर करने वाली होती  है। दालचीनी स्त्रियों के मासिक धर्म और मूत्र संबधित रोगो में बहुत लाभदायक होती है। पुरुष धातु को पुष्ट करती है। दालचीनी  पागलपन को दूर करने वाली मन को शांति देने वाली होती  है। दालचीनी के तेल का उपयोग हर प्रकार के दर्द ,सर्दी से होने वाले रोगो और शरीर में  होता है।  सिरदर्द के लिए दालचीनी रामबाण और अमृतमय औषधी का काम करती है।

2. सेक्स पावर बढ़ाने वाली – Cinnamon Enhance Sex Power in hindi

दालचीनी गर्म ,पाचन शक्ति बढ़ाने वाली, शरीर को ताकत देने वाली, खून को साफ करने वाली, वीर्य वीर्य को बढ़ाने वाली  व मूत्र विकार दूर करने वाली आदि गुण होते  है।  पेट में गैस और कफ और उनसे उत्पन्न रोगो को ठीक करने वाली आयुर्वेदिक औषिधि है।

3.शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाती है – Cinnamon increases the immunity of the body

दालचीनी श्वेत रक्तकणों को बढ़ा कर  शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाती है। बवासीर के उपचार , पेट में कीड़े , खुजली , राजयक्ष्मा ( टी,बी,), इन्फ्लूएंजा ( एक प्रकार का ठण्ड से होने वाला संक्रामक ज्वर), मूत्राशय के रोग, टायफायड, ह्रदयरोग, कैन्सर, पेट के रोगो  में अत्यंत  लाभकारी है।  संक्रामक से होने वाले बीमारियों की यह विशेष औषिधि  है।

2. उत्तम दालचीनी की पहचान

जो दालचीनी, पतली, मुलायम चमकदार, सुगंधित और चबाने पर तमतमाहट एवं मिठास का अहसास कराने  वाली हो, वह उत्तम होती है।( क्या आप दुबलेपन से परेशान है तो वजन बढ़ाये)

3. कितनी मात्रा में ले

इसकी तासीर गर्म होती है। इसलिए  इसकी  थोड़ी सी मात्रा से शुरुआत कर  धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। यकीन अगर  किसी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट  या नुकसान  हो तो इसका सेवन तुरंत  ही बंद कर देना चाहिए  हैं और दुबारा थोड़ी सी मात्रा में लेना शुरू करना चाहिए।

1 से 5 ग्राम  की मात्रा  में  दालचीनी पाउडर को  उपयोग में लिया जाता है। दालचीनी पाउडर को चम्मच के किनारे से नीचे तक ही भरा जाना चाहिए। बच्चों को भी इसी प्रकार अल्प मात्रा में देते हैं। इसका तेल 1 से 4 बूंद तक काम में लिया जाता हैं। दालचीनी का तेल की तासीर तेज़, तीखा,तीक्षण  और उग्र होता है। इसलिए इसे आंखों के समीप नहीं लगाना चाहिए।

4. दालचीनी  के घरेलु उपचार और औषधीय प्रयोग

  • हकलाना तुतलाना:– रोजाना सुबह-शाम दालचीनी (Cinnamon) को चबाने से हकलापन रोग दूर होता है।
  • वीर्यवर्द्धक:- इसको पीस कर कपड़छन पाउडर बनाले  हैं।  इसकी 4-4 ग्राम मात्रा में सुबह व शाम को सोते समय दूध से लेने से दूध शीघ्र हजम हो जाता है। यह प्रयोग वीर्य को बढ़ाने वाला होता है।
  • अपच एसिडिटी : इस छाल को बारीक़ पीस कर दिन में दो बार लेने से एसिडिटी या खाने का न पचना रोग ठीक हो जाता है।
  • भूख की कमी : भूख न लगने पर २ ग्राम अजवायन और दालचीनी बराबर मात्रा में लेकर पीसकर पाउडर बना ले और इसके तीन भाग कर ले। खाने खाने से पहले एक भाग चूर्ण को पानी से फकी ले।  इससे खुलकर भूख लगने लगती है।

पाचन शक्ति बढ़ाने वाली – Cinnamon digestion enhancer in hindi

  • पेट में गैस: इसका सेवन करने से पेट में गैस नहीं बनती इसके अलावा पेट के विकारो को ख़त्म कर पाचनशक्ति को प्रबल बनाती है।
  • पेट गैस से छुटकारा पाने के लिए एक चुटकी दालचीनी पाउडर को पानी से साथ लेना चाहिए।
  • पाउडर के अलावा दालचीनी का तेल की ५ बून्द को एक चम्मच पीसी मिश्री के साथ लेने से भी आराम मिलता है। लेकिन इसकी अधिक मात्रा फायदे की जगह नुकसान भी कर सकती है।  इसलिए कम मात्रा में ही इसका उपयोग करे।
  • पित्त की उल्टी:- इसको पठार पर घिस कर शहद में मिलाकर रोगी को पिलाने से पित्त की उल्टी बंद हो जाती है।
  • कब्ज :– कब्ज से छुटकारा पाने के लिए दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को मिला चूर्ण बनाये।  और खाने से पहले एक चम्मच की मात्रा में इस चूर्ण का सेवन करे।  इससे अजीर्ण रोग खत्म होकर भूख खुल कर लगती है।
  • इनफ्लुएंजा (एक तरह का बूखार) :- 5 ग्राम दालचीनी, 2 लौंग और चौथाई चम्मच सोंठ को पीस कर चूर्ण बना ले और 1 लीटर पानी में इस चूर्ण को उबालें। एक चौथाई पानी रह जाने पर  इसे छान ले।  इस काढ़े के तीन भाग कर ले  और सुबह दोपहर और शाम को एक एक भाग रोगी को पिलामे से  इनफ्लुएंजा में लाभ है।
  • गले का काग (कौआ)  बढ़ जाने पर  :- इसको पत्थर पर घिस कर या पीसकर अंगूठे की सहायता से प्रातः काल के समय काग पर लगाएं और लार को टपकाने टपकने दे। इस उपचार  से गले की कागवृद्धि दूर हो जाता है ।

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