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पपीता के फायदे और नुकसान

papaya पपीता के फायदे और नुकसान
पपीता के फायदे और नुकसान
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पपीता के फायदे और नुकसान – पपीता एक बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है। यह भारतवर्ष में हर जगह आसानी से उपलब्ध हो जाता है। पपीते के अंदर पाए जाने वाला पेप्सिन नामक तत्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि यह मनुष्य के पाचन प्रणाली को शक्ति देता है। जिसके कारण व्यक्ति जो कुछ भी खाता है। वह आसानी से और जल्दी पच जाता है।

इसके साथ ही पपीता पेट साफ करने के लिए एक महत्वपूर्ण औषधि का काम करती है। पपीते के फायदे अनेक है। पपीता खाने से गरिष्ठ पदार्थ बहुत ही आसानी से पेट के अंदर पच जाते हैं। पपीता क्षय रोग के कीटाणुओं को भी खत्म करने का काम करता है। आइए जानते हैं papaya benefits and side effects

पपीता के फायदे और नुकसान

Papita एक बहुत ही पौष्टिक आहार है। जिसे खाकर आप अपना पेट बहुत आसानी से भर सकते हैं। इसके खाने से आपको किसी भी प्रकार की नुकसान नहीं होता है। चाहे आप कितना भी पपीता क्यों न खा ले। Papite को दूध के साथ खाने से बहुत ही ज्यादा फायदे होते हैं। दूध में पपीता मिलाकर या फिर दूध के साथ पपीता खाने से खून साफ होता है।

Papita पीलिया को खत्म करने में एक रामबाण औषधि का काम करता है। इसके लिए कच्चे Papite के रस की पांच बुँदे ताजा दूध में मिलाकर सुबह-शाम भोजन करने के बाद खाने से और साथ में केला खाने से 4 से 5 हफ्ते में ही पीलिया रोग से मुक्ति मिल जाती है।

मां का दूध बढ़ाने के लिए कच्चे पपीते के फायदे।

जिन महिलाओं के स्तनों में दूध बहुत कम बनता हो। जिसके वजह से बच्चे का पेट नहीं भरता हो। उन महिलाओं को Papita खाना चाहिए। स्तनपान के अवधि तक पपीते का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना नियमित रूप से पपीता खाने से स्तनों में दूध भरपूर मात्रा में बनने लगता है। और शिशु को भरपूर आहार भी मिलेगा।

पथरी में पपीता के फायदे और नुकसान

पथरी होने पर Papita का यह उपचार बहुत ही फायदेमंद रहता है। इसके लिए Papite की 20 ग्राम ताज़ा जड़ लेकर अच्छे से साफ करके 200 ग्राम पानी में पीस लें। और जब प्यास लगे तो इस पानी को छानकर पी लें। यह क्रिया नियमित रूप से 21 दिनों तक करनी है। यानी 21 दिन तक इसी तरह इस पपीते की जड़ का पानी पीना है। इसे बहुत ही जल्दी पथरी गलकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।

पेट से संबंधित बीमारियों में पपीता के फायदे और नुकसान

कच्चे पपीते का सलाद खाना चाहिए। इससे पेट में कब्ज की शिकायत दूर होती है। और साथी पाचन तंत्र शक्तिशाली बनता है।

कब्ज में पपीते का सेवन

जिन लोगों को अक्सर कब्ज की शिकायत रहती है। उनके लिए पपीता एक रामबाण दवाई है। उन लोगों को चाहिए। कि खाना खाने के बाद कम से कम आधा किलो पके Papite के गुदा दूध में मिलाकर खाएं या दूध के साथ में कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से पेट साफ होने लगेगा। आप चाहे तो पपीते के गुद्दे को दूध में उबाल कर भी पी सकते है।

आयुर्वेद के अंदर पपीते को उदर रोगों के लिए रामबाण बताया गया है।

आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार पपीता पेट के रोगों और उनके विकारों को खत्म करता है। पपीते से कब्ज नष्ट होती है। और रोगी की पाचन शक्ति सबल और विकसित होती है।

पपीता खाने से भोजन के प्रति अरुचि खत्म होती है। जिसके कारण भूख अधिक लगती है।

अनिद्रा में पपीते के फायदे

पपीता खाने से अनिद्रा और लीवर संबंधित लोग भी खत्म होते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर में पपीते के फायदे

Papita हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए एक बहुत ही लाभदायक फल है। रोजाना खाना खाने के बाद Papite को खाने से पाचन क्रिया तेजी से होती है। और कब्ज नहीं होती।

श्वेत प्रदर-धातु स्राव में पपीते के फायदे

जिन महिलाओं को श्वेत प्रदर की बीमारी है। उनको पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए। धातु स्राव में Papite से पुरुषों को भी बहुत लाभ मिलता है।

चेहरे पर मुंहासे में पपीते के फायदे

चेहरे पर मुंहासे होने का मुख्य वजह कब्ज होती है। चूँकि पपीते का सेवन कब्ज को दूर करती है। जिसके कारण चेहरे के मुहांसे अपने आप खत्म हो जाते हैं।

पपीते के नुकसान – papaya benefits and side effects

हालांकि पपीता खाने के बहुत से फायदे हैं, परन्तु पपीता के कुछ नुकसान और उनके इस्तेमाल के लिए कुछ चेतावनियां भी हैं, जिसके बारे में इसे खाने वालो को होना चाहिए। यह विशेष रूप से हरा पपीता फल, पपीता बीज, पपीता पत्ती और पपीन एंजाइम के प्रयोग से सबंध है।

तो चलिए आप भी पपीते के कुछ साइड-इफेक्ट्स के ऊपर रौशनी डालें, ताकि ना केवल आप पपीते के उन दुष्प्रभावों से बच सके बल्कि पपीते के स्वास्थ्य लाभ का फायदा भी सही प्रकार से ले सकें।

1. लेटेक्स की उपस्थिति की वजह से, पपीता गर्भाशय के संकुचन का कारक बन सकता है, जिससे गर्भपात, समय से पहले प्रसव दर्द, शिशु में असामान्यताएं और यहां तक कि बच्चा मरा हुआ भी पैदा हो सकता है।

2. इसलिए गर्भावस्था के दौरान पपीते का सेवन नहीं भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

3. स्तनपान कराने वाली माताओं को भी पपीते का सेवन चिकित्षक से परामर्श करने के बाद ही करना चाहिए।

अगर ज्यादा मात्रा में पपीते का सेवन किया जाये तो पपीता में बीटा कैरोटीन की उपस्थिति त्वचा की मलिनीकरण का कारण बन सकती है, जिसे डॉक्टरी भाषा में कैरोटीनमिया कहा जाता है।

4. यह एक ऐसा रोग है, जिसमें व्यक्ति की आंखों, तलवों और हथेलियां का रंग पिला हो जाता है, जैसे कि वह पीलिया से पीड़ित हों।

5. पपेन, पपीता में मौजूद एंजाइम, एक शक्तिशाली एलर्जीन है। इसलिए पपीता के ज्यादा सेवन से नाक में कंजेशन, घरघराहट, बुखार, दमा आदि विभिन्न साँस विकार आपके शरीर को अपना शिकार बना सकते हैं।

6. पपीता का बहुत अधिक सेवन गुर्दे के स्टोन के गठन को प्रोत्साहित कर सकता है।

7. बहुत अधिक पपीता खाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे कि आपको ब्लोटिंग, पेट-दर्द, उबकन आदि परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

8. जो लोग खून पतला करने वाली दवाइयों का सेवन करते हैं, उन्हें भी Papite के सेवन का नहीं करना चाहिए।

9. Papite का सेवन एक साल से कम उम्र वाले शिशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है।

10. दस्त से पीड़ित होने पर Papite का सेवन नहीं करना चाहिए।

वैसे तो पपीता कब्ज का प्राकृतिक उपचार है, परंतु यदि इसका सेवन अधिकतम मात्रा में किया जाएं तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है।

papaya benefits and side effects – पपीता प्रकृति का मनुष्य के लिए एक अद्भुत उपहार है। हालांकि, यदि इसका इस्तेमाल सही से नहीं किया जाए तो यह ऊपरलिखित दुष्प्रभावों का मूल वजह बन सकता है। पपीता के फायदे और नुकसान

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