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योगासन के लाभ और नियम

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योग 5000 वर्ष पुरानी भारतीय जीवन पद्धति है। योग एक शरीर, व्यक्तिगत चेतना और आत्मा का मिलन करवाने में मदद करता है, जबकि कई लोग योग को सिर्फ व्यायाम मानते है जिसमे वे शरीर को खींचते मरोड़ते है और श्वास लेने के कठीन तरीके अपनाते है। योग वास्तव में मनुष्य की मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करता है। आजकल के व्यस्त जीवन में मनुष्य अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाता जिससे तनाव और विभिन्न प्रकार की बीमारिया(शारीरिक और मानसिक) होने लगती है जिसमे योग मनुष्य को शक्ति प्रदान करता है और तनाव मुक्त बनाते रखता है योग न केवल व्यायाम है बल्कि इसे अपनाकर कई प्रकार की बीमारियों(शारीरिक और मानसिक) से छुटकारा पाया जा सकता है विभिन्न प्रकार के योगासन एवं मुद्राएं करने से मनुष्य के तन और मन को हमेशा क्रियाशील बनाये रखता है।

योगासन के लाभ

  • योगासन विभिन्न प्रकार के शारीरिक और मानसिक बीमारियों को दूर करता है।
  • योग अस्थमा, उच्च रक्तचाप, पाचनतंत्र, मधुमेह और अन्य प्रकार की बीमारियों में प्रभाव शाली विकल्प है।
  • आजकल जहाँ पर अन्य प्रकार की औषधियां कार्य नहीं करती वह पर योग कार्य करता है, वर्तमान समय में एच आई वी बीमारी में योग का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
  • चिकित्सा वैज्ञानिकों के अनुसार योगासन से हमारे शरीर के भीतरी ग्रंथिया ढंग से काम करती है, जिससे हमारा शरीर तनाव पूर्ण बना रहता है और वीर्य बढ़ाने में सहायक है।
  • योग हमे बैठने का तरीका,प्राणायाम तथा ध्यान संयुक्त रूप से सिखाता हैं।नियमित रूप से अभ्यास करने वाले को असंख्य लाभ प्राप्त होते हैं।उनमें सेकुछ लाभ निम्नलिखित हैं-
    -स्वस्थ में लाभ
    -मानसिक शक्ति
    -शारीरिक शक्ति
    -शरीर की टूट फूट से रक्षा
    -शरीर का शुद्ध होना
  • आज कल के समय में वजन बढ़ना आम बात हो गई है वजन कम करने में योगासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और हमें ये भी सिखाता है कि भोजन कब और किस प्रकार करना चाहिए।
  • तनाव को दूर करके शरीर को चुस्त-फुर्त बनाए में योग अहम् भूमिका निभाता है।
  • हम संयुक्त रूप से शरीर, मन और आत्मा से बने हैं।शरीर में कोई अनियमितता से बीमारी का सामना करना पड़ता है । थकान शरीर में रोग का कारण हैं।योगासन अंगो को सामान्य स्तिथि में रखते हैं और माश्पेशियो को शक्तिशाली बना कर रखते हैं।
  • प्राणायाम और ध्यान तनाव को दूर करते हैं और प्रतिरक्षण क्षमता सुधारते हैं।
  • योगासन से मन चिंतामुक्त होने के साथ मन प्रसन्न एवं संतुष्ट रहता है जिससे आत्मीयजनों से सम्बन्ध सुधर जाते है,प्रसन्न, संतुष्ट मन से आत्मीयजनों से सम्बन्धो की क्षमता बढ़ाता है।

योग के नियम

  • सुबह का समय या शाम का समय योग के लिए सबसे उत्तम समय रहता है
  • योगासन गुरु के निर्देशन में ही करना चाहिए
  • योग करने के समय तन और मन दोनों शुद्ध होना चाहिए
  • योग करने का एक समय निश्चित करे और एक निश्चित समय में ही योग करे
  • स्नान करने के बाद ही योग करे
  • योग करने के लिए ढीला कपडा या आरामदायक सूती कपडा पहने
  • स्वच्छ और हरा-भरा स्थान योग के लिए सर्वोत्तम रहता है
  • योगासन हमेशा दरी या चटाई पर करे
  • लगातार योग जारी रखे योग का लाभ महसूस होने में समय लगता है
  • शुरुवात में योग धीरे-धीरे करे जबरदस्ती बिलकुल न करे
  • योग धैर्य और दृढ़ता से करे और अपना पूरा ध्यान आसन पर ही केंद्रित करे
  • बुरे ख्याल अपने मन पूरा निकल देना चाहिए
  • अगर योग करते समय कुछ तकलीफ तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले
  • योगासन करने के बाद कम से कम २० मिनट्स तक कुछ न खाये और 1 घंटे तक न नहाये
  • प्राणायाम हमेशा योगाभ्यास के बाद करे

और पढ़े।
योगासन के प्रकार और विधि

 

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