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Aak ya Madar ke gun aur fayde | आक या मदार के गुण और फायदे

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आक या मदार

इसे अन्य भाषाओं में मंदार, क्षीरफल, शुक़्रफल, आकण्ड, पाठरी, रुई, खरक, ऊषर, Madar आदि नामो से जाना जाता है। ये पूरे भारत में पाया जाने वाला पौधा है। इसके पौधे को लगभग सभी लोग जानते पहचानते है। इसके झाड़ प्रायः सड़को के किनारे पायी जाती है। इसके पत्ते बड़े, सफ़ेद और मोटे होते है। इनके पत्तो या डण्ठल के तोड़ने से दूध निकलता है।

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आक के आयुर्वेदिक गुण Aak ke ayurvedic gun

Madar वात, कोढ़, कण्डू, विष, व्रण, प्लाहा, गुल्म, बवासीर, उदर, यकृत और कृमिरोग को समाप्त करने वाला होता है। आक का दूध तिक्त, उष्ण, स्निग्ध, लवण-रसयुक्त, हल्का तथा पेट के रोग को कम करने वाला होता है। इसकी जड़ की छाल पसीना लाने वाली, श्वांस की समस्या दूर करने वाली, गरम, वमनकारक को नष्ट करने वाली होती है। इसका फूल मधुर, तिक्त, चूहे का जहर, रक्त पित्त, सूजन से छुटकारा मिलता है। इसकी जड़ की छाल कड़वी, तीखी, पाचन, पित्त का स्त्राव करने वाली, रसग्रंथि, त्वचा को उत्तेजना देने वाली, धातुपरिवर्तक, उत्तेजक, बलदायक होती है

आक या मदार के फायदे या विभिन्न रोंगो में लाभ Madar ke fayde

  • आक के फूल की मगज और काली मिर्च समान मात्रा में ले। खरल करके तीन-तीन ग्राम की गोली बना ले। हर छह घंटे पर एक गोली गर्म पानी के साथ देने से दमा, खांसी, हिस्टीरिया, वायुप्रकोप में बहुत लाभदायक होता है।
  • पाठरी के फूल की मगज डेढ़ मासा, सेंधानमक डेढ़ मासा, अफीम तीन रत्ती, अजवाइन छह मासा। इन सबको पीसकर चने के दाने के बराबर गोलियां बना लेनी चाहिए। पुराना दमा और खांसी में बहुत लाभ मिलता है।
  • सूखे हुए आक के फूल लेकर उनको महीन पीस ले। फिर इसके पत्तो के रस में खरल करके मटर के बराबर इसके गोली बना ले। दो गोली गरम पानी के साथ लेने पेट के सभी तरह के दर्द दूर होते है।
  • Madar के फूलो को कूटकर दो किलो रस निकाले इस रस में मंदार का दूध 250 ग्राम एवं सवा किलो गाय का घी मिलाये। कलईदार कड़ाही में डालकर उबाले जब केवल घी बच जाये तो छानकर रख ले। ये घी आंत के लिए सभी प्रकार के कीड़ो को मारता है। ये तीन से छह मासा लेने से बवासीर में बहुत लाभ मिलता है।

मदार के अन्य फायदे Madar ke any fayde

  • Madar के जड़ की छाल एवं काली मिर्च संभाग में लेकर कूट ले। चौबीस घंटे कूटने के बाद मटर के बराबर इसकी गोलियां बना लीजिये। शरीर के क्षमता के अनुसार एक से दो गोली सौफ के अर्क के साथ देने से कठिन से कठिन हैजे की समस्या दूर होती है।
  • इसकी जड़ को कांजी के साथ पीसकर लेपने से हाथी पांव, अंडवृद्धि एवं अन्य प्रकार की सूजन में आराम मिलता है।
  • बिच्छू के डंक मारने पर इसके दूध को मलने से बहुत लाभ मिलता है।
  • जड़ के छाल बकरी के दूध में पीसकर नाक में टपकाने से मिर्गी का वेग रुकता है।
  • सफ़ेद मंदार की जड़ को मक्खन के साथ पीसकर आँख में सुरमे की तरह लगाने से आँख की रौशनी तेज होती है।
  • इसके दूध का प्रयोग करने से नपुंसकता मिटाई जा सकती है।

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