Uncategorized

Dengue ke ilaj hindi me | डेंगू के इलाज हिंदी में

loading...

Dengue डेंगू

मच्छर से उत्पन्न वायरल बीमारी dengue देश के सबसे बुरे सपने में से एक बन गया है। इसे ‘ब्रेकबोन बुखार’ या ‘डंडी ज्वर’ भी कहा जाता है। यह वायरल बीमारी होता है। और एडीज मच्छरों के माध्यम से प्रेषित होता है। dengue अचानक शुरू होता है। सबसे पहले अधिक सामान्य लक्षणों के साथ लेकिन समय के साथ गंभीर होता है। रोग के लक्षण तीन से सात में दिखाई देते हैं, और कभी-कभी पन्द्रह, दिन।

इसमें बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, सूजन लिम्फ नोड्स और चकत्ते शामिल हैं। डेंगू एक सप्ताह तक गंभीर रूप नहीं लेता है। जब इसकी स्थिति गंभीर होती है तो ये जानलेवा भी साबित हो सकती है।

डेंगू का बुखार किसी को भी हो सकता है। लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग डेंगू होने पर गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं। चूंकि यह एडीस एज़िप्टी के पांच सेरेप्रोटीप्स के कारण होता है। जिसे पीला बुखार मच्छर भी कहा जाता है। डेंगू एक ही व्यक्ति को कई बार हो सकता है। डेंगू से शरीर में रक्तस्राव, त्वचा पर लाल छिद्रण, काले रंग की मल, मसूड़ों या नाक में खून, सिरदर्द, बुखार शामिल हैं। डेंगू रक्तस्रावी बुखार जीवन को खतरा है। dengue शॉक सिंड्रोम का कारण बन सकता है। जो कि गंभीर और घातक है।

Dengue-bukhar-se-kaise-bache

image source google

 

डेंगू के लक्षण Dengue ke lakshan

Dengue बुखार में प्लेटलेट की घटती संख्या के लक्षण

  • Sharir पर अपने-आप या आसानी से खरोंच के निशान बनना।
  • शरीर के किसी भी हिस्से पर छोटे या बड़े लाल-बैंगनी रंग के धब्बे दिखना। खासकर पैर के नीचे के हिस्से में।
  • मसूड़ों या नाक से खून आना।
  • यूरीन या मल में खून आना।

इन लक्षणों के दौरान बुखार और मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। आंखों के पीछे के दर्द भी एक आम लक्षण है। गले में खराश, उल्टी, मतली, पेट या पीठ दर्द, और भूख का न लगना भी एक लक्षण हैं। ये लक्षण लगभग दो से चार दिनों तक रहता है और फिर कम हो जाता है। केवल एक दाने के साथ दोबारा फिर से प्रकट होता है। जो शरीर पर फ़ैल जाता है।

हालांकि, कुछ लोंगो को अधिक गंभीर लक्षण और जटिलताओं को विकसित कर सकते हैं। जैसे कि त्वचा में रक्तस्रावी (आसान चोट), मसूड़ों और जठरांत्र संबंधी मार्ग। इस स्थिति को डेंगू रक्तस्रावी बुखार (डीएचएफ) कहा जाता है। अधिकांश डीएचएफ 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में देखा जाता है। लेकिन यह वयस्कों में हो सकता है। रोगियों को अंततः गंभीर पेट दर्द, भारी रक्तस्राव होती हैं। यदि जल्दी से इलाज नहीं किया जाता है। तो मृत्यु का कारण हो सकता है।

Dengue Bukhar ke ilaj डेंगू बुखार के इलाज

इसका संक्रमण का इलाज करने के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। यदि आपको लगता है कि आपको dengue का बुखार हो सकता है। तो आपको एसिटामिनोफेन के साथ दर्द से राहत देने वाली दवाओं का प्रयोग करना चाहिए। और एस्पिरिन जैसी दवाओं से बचने चाहिए। जिससे रक्तस्राव खराब हो सकता है। बहुत सारे तरल पदार्थ पिए। और अपने चिकित्सक से सलाह ले। यदि आपको 24 घंटे बुखार होने के बाद गंभीर महसूस होना शुरू हो जाता है। तो आपको तुरंत जांच के लिए अस्पताल जाना चाहिए।

डेंगू से बचने के आयुर्वेदिक एवं घरेलु उपाय

  • इसका बुखार को रोकने के लिए कोई टीका नहीं है।
  • home एवं घर के आसपास पानी एकत्र ना होने दें, साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • यदि घर में बर्तनों आदि में पानी भर कर रखना है तो ढक कर रखें। यदि जरुरत ना हो तो बर्तन खाली कर के या उल्टा कर के रख दें।
  • ऐसे कपड़े पहनें जो आपके हाथों और पैरों को कवर करते हैं।
  • कूलर, गमले आदि का पानी रोज बदलते रहें। यदि पानी की जरूरत ना हो तो कूलर आदि को खाली करके सुखायें।
  • मच्छर रोधी क्रीम, स्प्रे, लिक्विड,तेल, इलेक्ट्रॉनिक बैट आदि का प्रयोग मच्छरों के बचाव के लिए करें।
  • घर की खिड़की आदि में तुलसी का पौधा लगाने से मच्छरों से बचाव होता है।
  • बकरी का दूध डेंगू बुखार में काफी लाभदायक होता है।
  • नीम की सुखी पत्तियों एवं कर्पूर की घर में धूणी करने से मच्छर मर जाते हैं।
  • तुलसी,गिलोय ,पिप्पली , पपीते की पत्तियों का रस, नीम, गेंहू के ज्वारों का रस। आँवला व ग्वारपाठे का रस डेंगू से बचाव में बहुत उपयोगी है। इनसे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती है। तथा Dengue के वायरस से मुकाबला करने की ताकत आती है।

नोट:- याद रखें dengue की कोई विशिष्ट चिकित्सा अभी तक उपलब्ध नहीं है। सिर्फ लाक्षणिक चिकित्सा ही की जाती है। बुखार कैसा भी हो इन दिनों में यदि जल्दी आराम ना मिले। तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। और मच्छरों से बचाव एवं शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढायें। यही डेंगू से बचने का सर्वोत्तम उपाय है।

और भी पढ़े…….

मलेरिया
टाइफाइड

Sending
User Review
0 (0 votes)
loading...

Add Comment

Leave a Comment