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धनिया के फायदे और नुकसान Dhaniya(Coriander) ke fayde aur nuksan

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धनिया Dhaniya प्रकृति शीतल और खुश्क होता है। इसे अंग्रेजी में कोरिएंडर Coriander कहते है। हरी धनिया के पत्ते भोजन बनाने में ज्यादातर उपयोग किये जाते है। इससे हमारा भोजन बहुत स्वादिष्ट बनता है। इसको पॉलीथिन में रखने से ताजा बना रहता है। धनिया के फल को बंद मुंह के बर्तन और ठन्डे स्थान पर रखना चाहिए। धनिया का काम ठंडक पहुँचाना है। अगर इसे खुले मुंह के बर्तन में रखेंगे को इसका तेल उड़ जाता है। इसके तेल उड़ जाने के बाद इसका गुण में कमी आ जाती है।

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धनिया के गुण Dhaniya ke gun

Post Contents

  1. सूजन को दूर करना
  2. पाचनशक्ति में सुधार लाना
  3. अग्नाशय की कार्य करने की क्रिया में मदद करना
  4. इन्सुलिन स्तर को सही करना, जिससे डायबिटीज और कोलेस्ट्राल पर नियंत्रण रहे
  5. विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाना
  6. पेट के रोग और दस्त से राहत देना
  7. मसालों में इसके इस्तेमाल पेट को ठंडक देना आदि।

धनिया के प्रयोग से अन्य प्रकार के बिमारियों में भी लाभ होता है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

हरी धनिया का कैसे उपयोग करे (How to use green coriander)

इसके पत्ते की चटनी बनाकर या सब्जी में डालकर खा सकते है। इसकी पत्तियों को अच्छी तरह से धुलकर बारीक-बारीक काट ले। इसे सब्जी, सलाद, बिरयानी आदि पर भुरभुराकर खाये। इसको कच्चा ही खाने से शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है। पेशाब में जलन और रुका हुआ पेशाब की समस्या दूर होती है। इससे कब्ज, रक्त चाप, अम्लपित्त, मानसिक तनाव, चिंता आदि में लाभ मिलता है। हरी धनिया को खाते रहने से शरीर में संक्रमण फैलने की समस्या उत्पन्न नहीं होती है। शरीर निरोगी बना रहता है।

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धनिया के फायदे Dhaniya ke fayde(Benefits of coriander)

धनिया पाउडर का पोषण चार्ट देखा जाए। तो इसमे 8 प्रतिशत फाइबर, 2.9 प्रतिशत कैल्शियम और अन्य गुणकारी तत्व पाए जाते हैं। यह एंटी डायबीटिक भी होता है। इस कारण यूरोप के कई देशों में इसको एंटी डायबीटिक पौधे के रूप में भी जाना जाता है। इसके अनेको-अनेक फायदे है। आइये जानते है विस्तार से:-

थाइरोइड ग्रंथि में धनिया उपयोगी

इसकी क्रिया बढ़ जाने या कम हो जाने पर पांच चम्मच खड़ा धनिया ले। इसे एक गिलास पानी में अच्छी तरह उबाल ले। इसे छानकर पीने से थाइरोइड की ग्रंथि पिघल जाएगी।

सुंदरता बढ़ाने में उपयोगी धनिया

चेहरे और शरीर की सुंदरता बढ़ाने के लिए धनिया बहुत ही उपयोगी होता है।
-दो चम्मच खड़ा धनिया ले। इसे दो गिलास पानी में चार घंटे भिगोकर रख दे। पानी से Dhaniya को छानकर अलग कर दे। प्रतिदिन इसी पानी से आंखे बंद करके चेहरे को एक से डेढ़ महीने तक धुले। चेहरा में निखार आएगा और कालादाग, धब्बे दूर होकर सुंदरता बढ़ाएगा।
-घमौरियां हो जाने पर इस पानी से नहाने पर इस समस्या से छुटकारा मिलता है।
-नहाने या हाथ-पैर धोने के लिए धनिया को ज्यादा मात्रा में ले।
-भोजन करने के बाद एक चम्मच धनिया का फंकी ले। इससे आंतरिक सौंदर्य बढ़ता है।

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रोग निरोधक और शक्तिवर्धक बढ़ाता है धनिया

प्रतिदिन धनिया का सेवन किसी न किसी तरह करते रहे। पत्ती की चटनी बनाकर, सब्जी में डालकर या खड़ा धनिया खाते रहे। इससे हमारे शरीर में संक्रमण होने की समस्या नहीं रहेगी। जो निरोगी बनाये रखने में सहायक होती है।
जीरा 30 ग्राम, हल्दी 20 ग्राम, धनिया 30 ग्राम ले। इसमें सौंफ, सोंठ, काली मिर्च और तेजपत्ता सबको दस-दस ग्राम और दालचीनी 5 ग्राम में लेकर मिला ले। इन सबको दो चम्मच घी में अच्छी तरह से भूने। इसे एक साफ़ कांच की शीशी में भर ले। मसाले बनकर तैयार है। जब भी भोजन करने बैठे तो इस मसाले को चटनी या भोजन पर भुरका ले। इससे भोजन अधिक स्वादिष्ट लगेगा। कफ, दमा, खांसी, रक्तप्रदर, टी. बी. छाले, बवासीर आदि रोंगो में लाभ मिलता है। ये मसाले शरीर को निरोगी बनाये रखने और ताकत प्रदान करते है।

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चोट लगने पर धनिया लाभदायक

देखा जाये तो चोट लगने पर दर्द और सूजन होना स्वाभाविक है। इससे नीला धब्बा भी पड़ जाता है।
-हल्दी और Dhaniya को बराबर मात्रा में लेकर पीस ले। खाने में काम आने वाला तेल डालकर दोनों को तवे पर भून ले। इसे चोट लगे हुए स्थान पर लेप करके पट्टी बाँध ले। चोट का दर्द और सूजन जल्द ही ठीक हो जायेगा।

थकावट में फायदेमंद धनिया

यात्रा करते समय, काम करते वक्त या अन्य किसी कारणवश थकावट आ गई हो।
-बीस दाने सुखी Dhaniya लेकर चबाये। इससे थकावट दूर हो जाएगी। यात्रा के समय एक शीशी सूखी धनिया साथ में रखे जिससे आराम मिलेगा। अगर घुटनो दर्द हो रहा हो तो धनिया खाने के साथ ही पैरो के घुटनो तक ठन्डे पानी में डुबोये रखे। या घुटनो से नीचे पैरो तक ठंडा पानी डाले।

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वात पित्त को दूर करने में सहायक धनिया

-Dhaniya और सौंफ को समान मात्रा में लेकर तवे पर सेककर पीस ले। इसको दो-दो चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी के साथ फंकी ले। इससे वात पित्त की समस्या दूर हो जाएगी।

मिरगी में लाभदायक धनिया

एपिलेप्सी यानी मिरगी की बीमारी दूर करने के लिए Dhaniya बहुत लाभदायक होता है।
-इसमें 50 ग्राम धनिया लेकर एक लीटर पानी में डालकर इतना उबाले की 1/3 भाग पानी बचे। इसे छानकर इसमें आवश्यकतानुसार नमक मिलाकर इसको चार भाग कर ले। इसे दिन में चार बार पिए। इससे मिर्गी के दौरे आना बंद हो जायेंगे।

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सिरदर्द में उपयोगी धनिया

सर्दी जुकाम से उत्पन्न सिरदर्द में चार चम्मच धनिया और दो चम्मच मिश्री एक गिलास पानी में उबाले। जब आधा पानी रह जाये तो इसे छान ले। इससे सिरदर्द ठीक हो जायेगा।

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चेचक की गर्मी में धनिया के लाभ

-इसकी गर्मी निकालने के लिए चेचक ठीक होने के बाद Dhaniya और जीरा 2-2 चम्मच ले। इसे मिटटी के बर्तन में एक गिलास पानी लेकर भिगो दे। सुबह उस पानी में मिश्री या चीनी मिलाकर पिए। इससे मल साफ़ हो जाता है और गर्मी साफ़ हो जाती है।

चक्कर आने में धनिया फायदेमंद

कमजोरी, बीमारी या यात्रा के दौरान चक्कर आ रहा है।
-एक चम्मच Dhaniya और दो चम्मच सौंफ दोनों को पीसकर मिला ले। इसे प्रतिदिन सुबह शाम गर्म पानी के साथ फंकी लेने पर चक्कर आना बंद हो जाता है।

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गले में दर्द और जलन को दूर करता है धनिया

-गले में संक्रमण हो जाने से गले में दर्द होने लगता है। इससे छुटकारा पाने के लिए दो-दो चम्मच सूखा धनिया हर तीन घंटे पर चबा-चबाकर चूसते रहे। इससे संक्रमण को दूर कर गले के दर्द में आराम मिलता है। विशेषकर गर्मी से हो रहे दर्द में बहुत फायदा मिलता है।

पथरी निकालने का बढ़िया तरीका है धनिया

-एक लीटर पानी में साठ ग्राम धनिया डालकर अच्छी तरह उबाले। उबल जाने पर इसके पानी को छान ले। इसके पानी में एक कप मूली का रस और आवश्यकतानुसार सेंधा नमक मिला ले। इसको खाना खाने के बाद प्रतिदिन पांच-पांच चम्मच की मात्रा में सुबह शाम ले। पथरी टुकड़े में होकर निकल जाएगी। पथरी में नमक कम और पानी अधिकाधिक मात्रा में पिए।
-सौंफ, सूखा खड़ा धनिया और मिश्री तीनो 50-50 ग्राम एक लीटर पानी में भिगो दे। सुबह इसे पानी से छान ले। इसे पीसकर फिर इसी पानी में मिला ले और इसे छानकर पी जाये। अगर एक बार में ये पानी न पिया जाये तो प्यास लगने पर पिए। इसी तरह सुबह भी भिगोकर शाम को पिए। इससे पेशाब खुलकर आएगा और पथरी निकल जाएगी। पथरी निकालने के लिए जितना पानी पिए उतना फायदा करेगा। नमक का सेवन कम करे।

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कोलेस्ट्राल कम करने में सहायक धनिया

-एक गिलास पानी में चार चम्मच Dhaniya डालकर उबाले। आधा पानी रहने पर इसको ठंडा होने के लिए रख दे। हल्का गुनगुना रहने पर इसे छानकर प्रतिदिन पिए। इससे पेशाब अधिक आएगा और कोलेस्ट्राल कम होगा।

धातु गिरना बंद करता है धनिया

-सूखा पिसा हुआ धनिया और पिसा हुआ मिश्री समान मात्रा में ले। दोनों को मिलाकर दो-दो चम्मच प्रतिदिन तीन बार ठन्डे पानी से सेवन करे। इससे धातु गिरना बंद हो जाता है।

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दमा, खांसी में धनिया

अधिक खांसी आता हो या दमा के कारण सांस फूलता हो तो उसमे धनिया बहुत फायदेमंद होता है।
-इसमें Dhaniya और मिश्री को समान मात्रा में पीस ले। इसे चावलों के पानी के साथ लेने से बहुत लाभ मिलता है।
-धनिये की पत्तियों का रस आधा कप में आवश्यकतानुसार सेंधा नमक मिलाकर पीने से दमा में फायदा मिलता है।

श्वेतप्रदर में लाभदायक धनिया

-दो चम्मच धनिया पाउडर, दो चम्मच मिश्री ले। इसे एक गिलास पानी में उबालकर आधा पानी रहने पर छान ले। हल्का गर्म रहने पर रात को सोते समय एक बार प्रतिदिन पीने से श्वेतप्रदर में लाभ मिलता है।

योनि संक्रमण को दूर करने में उपयोगी धनिया

-पेशाब में जलन, दर्द, खुजली, सूजन, घाव, संक्रमण आदि हो तो इसमें धनिया बहुत उपयोगी है।
आवंला, धनिया और मिश्री समान मात्रा में लेकर पीस ले। इसे दिन में दो-दो चम्मच सुबह शाम पानी के साथ फंकी लेने से योनि संक्रमण दूर होता है।

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धनिया से नुकसान Dhaniya ke nuksan

  • जो व्यक्ति यौन शक्ति में दुर्बलता महसूस करता हो। Dhaniya उसके लिए हानिकारक है।
  • सूखा या हरा धनिया के अधिक मात्रा में सेवन करने से शुक्राणु और कामशक्ति में कमी आ जाती है।
  • इसके ज्यादा सेवन से स्त्रियों के मासिक धर्म रुक जाते है।

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