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एक्जिमा के लक्षण, कारण, इलाज, दवा और 22 घरेलु उपचार

त्वचा के रोग
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एक्जिमा रोग शरीर के किसी भी भाग में एक गोल आकार के दाने के रूप में पैदा हो जाता है। eczema में हर समय खुजली होती रहती है जो 2 तरह की होती है- सूखी और तर।

एक्जिमा के लक्षण, कारण, इलाज, दवा और 22 घरेलु उपचार

  1. एक्जिमा से बचने का उपाय है शहद – Eczema ka upay hai honey in hindi
  2. एक्जिमा का उपाय करें ओटमील से – Eczema ke gharelu nuskhe me kare oatmeal ka upyog in hindi
  3. एक्जिमा से मुक्ति दिलाए नारियल का तेल – Eczema ka gharelu upay kare coconut oil se in hindi
  4. एक्जिमा का घरेलू उपाय है दूध – Eczema se bache milk se in hindi
  5. एक्जिमा दूर करने का घरेलू उपाय है एलोवेरा जेल – Ekjima ka gharelu nuskha hai aloe vera gel in hindi
  6. एक्जिमा रोग का उपाय करें कैमोमाइल से – Eeczema se bachne ka upay hai chamomile tea in hindi
  7. एक्जिमा से बचने का घरेलू नुस्खा है हल्दी – Eczema se bachne ka upay hai turmeric in hindi
  8. एक्जिमा से बचने का तरीका है नीम – Eczema se bachne ka tarika hai neem in hindi
  9. एक्जिमा से छुटकारा पाने का नुस्खा है अलसी – Eczema se chutkara pane ka nuskha hai flaxseed oil in hindi
  10. एक्जिमा दूर करने का तरीका है ब्राह्मी – Eczema dur karne ka tarika hai brahmi in hindi
  11. एक्जिमा खत्म करने का नुस्खा है तुलसी – Eczema khatam karne ka nuskha hai rulsi in hindi
  12. एक्जिमा स्किन डिजीज में उपयोग करें सेज – Eczema skin disease me upyog kare sage ka in hindi
  13. एक्जिमा का देसी उपाय है करंज – Eczema ka desi nuskha hai Karanja in hindi

एक्जिमा के कारण – Eczema Causes in Hindi

eczema शरीर में खून की खराबी के कारण होता है। एक्जिमा होने पर अगर तुरन्त ही इसकी चिकित्सा न कराई जाए तो ये बहुत तेजी से पूरे शरीर में फैलता है। कुछ लोगों में एक्जिमा सफाई नहीं रखने और भोजन में लापरवाही बरतने की वजह से कई सालों तक बना रहता है। एक्जिमा से संक्रमित व्यक्ति के जख्म को छूने से दूसरे लोग भी एक्जिमा के शिकार हो जाते हैं। हाजमे की खराबी की वजह से कब्ज (गैस) बन जाने के कारण भी एक्जिमा हो जाता है। औरतों में मासिकधर्म से सम्बंधित रोगों के कारण भी एक्जिमा हो जाता है।

एक्जिमा के लक्षण – Eczema Symptoms in Hindi

एक्जिमा रोग की शुरुआत में रोगी को तेज खुजली होती है। बार-बार खुजली करने पर उसके शरीर में छोटी-छोटी फुंसियां निकल आती हैं। इन फुंसियों में बहुत तेज जलन और खुजली होती है। फुंसियों के पक जाने पर उसमें से मवाद बहता रहता है। फुंसियों के जब जख्म बन जाते हैं तो उसमें से पूरी तरह मवाद बहने लगता है।

एक्जिमा में क्या खाना चाहिए, क्या न खाएं और परहेज

eczema रोग में रोगी को खून साफ करने वाली औषधियों का प्रयोग करना चाहिए।
एक्जिमा रोग में रोजाना नीम के साबुन से या पानी में थोड़ा डिटोल डालकर नहाना चाहिए। एक्जिमा रोग में रोगी को भोजन में खट्टी-मीठी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

एक्जिमा के घरेलू उपाय (दवा और 22 घरेलु उपचार)

1. कटहल

कटहल के पत्तों पर घी लगाकर एक्जिमा पर बांधने से आराम आता है।

2. अजवायन

अजवायन को पानी के साथ पीसकर लेप करने से eczema कुछ दिनों में ही समाप्त हो जाता है।

3. मकोय

मकोय के रस में अंकोल के बीजों को पीसकर लगाने से eczema के निशान समाप्त हो जाते हैं।

4. जीरा

1 ग्राम भुने हुए जीरे को 10 ग्राम मिश्री के साथ पीसकर और नींबू के रस के साथ मिलाकर रोजाना सुबह और शाम पीने से एक्जिमा रोग कुछ ही समय में ठीक हो जाता है।

5. आम

एक्जिमा को थोड़ा सा खुजलाकर उस पर आम के डंठल से निकले रस को लगाने से एक्जिमा रोग समाप्त हो जाता है।

6. नारियल

नारियल के तेल और कपूर को अच्छी तरह मिलाकर एक्जिमा वाले स्थान पर लगाने से एक्जिमा का रोग दूर हो जाता है।

7. तिल

1 लीटर तिल के तेल में 250 ग्राम कनेर की जड़ को जलाकर छान लें। इस तेल में जड़ को डालकर काफी देर तक उबालने से जड़ जल जाती है। इस तेल को रोजाना साफ रूई से एक्जिमा पर सुबह और शाम लगाने से एक्जिमा कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाता है।

8. सत्यानाशी

सत्यानाशी के पौधे के ताजे रस में पानी मिलाकर भाप द्वारा उसका अर्क (रस) तैयार करें। यह 25 मिलीलीटर अर्क (रस) सुबह और शाम पीने से एक्जिमा और त्वचा की दूसरी बीमारियां कुछ ही समय में समाप्त हो जाती हैं।

9. वासा

वासा के कोमल पत्तों को हल्दी में मिलाकर गौमूत्र (गाय का पेशाब) के साथ पीसकर लेप करने से एक्जिमा रोग दूर हो जाता है।

10. नीम 

  • नीम के गुलाबी पत्ते लेकर तेल में काफी देर तक पकाएं। इस तेल को eczema पर लगाने से बहुत आराम आता है।
  • नीम के कोमल पत्तों का रस निकालकर उसमें थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पीने से खून साफ होकर खून की खराबी से होने वाले सारे रोग दाद, खुजली, फुंसियां आदि नष्ट हो जाते हैं।
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर एक्जिमा को साफ करें। फिर उस जगह पर नींबू का रस और तुलसी के पत्तों को पीसकर लेप करने से एक्जिमा रोग ठीक हो जाता है।

11. आक

10 ग्राम आक (मदार) के दूध को 50 मिलीलीटर सरसों के तेल में पकाकर एक्जिमा पर लगाने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

12. प्याज

प्याज के बीजों को पीसकर लेप करने से 8 से 10 सप्ताह में eczema समाप्त हो जाता है।

13. त्रिफला 

  • त्रिफला, नीम की छाल और परवल के पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। इस काढ़े से एक्जिमा के दाद को साफ करने से यह रोग जल्दी खत्म हो जाता है।
  • त्रिफला, कुटकी, बच, दारूहल्दी, मजीठ, गिलोय और नींबू की छाल को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बना लें।
  • इस काढ़े को रोजाना 3-4 बार पीने से एक्जिमा कुछ दिनों में ही समाप्त हो जाता है।

14. चंदन

चंदन बला लक्षादि तेल को सूखी खुजली या एक्जिमा में खुजलाकर रोजाना 3 से 4 बार लगाने से लाभ होता है।

15. राई

राई को सिरके के साथ पीसकर लेप करने से एक्जिमा रोग में आराम आता है।

16. कूठ

कूठ के चूर्ण को मक्खन के साथ अच्छी तरह मिलाकर हल्के-हल्के मालिश करने से कुछ सप्ताह में ही एक्जिमा रोग सही हो जाता है।

17. कालीमिर्च

ज्योतिष्मती (मालकांगनी) के पत्तों को कालीमिर्च के साथ पीसकर लेप करने से एक्जिमा रोग समाप्त हो जाता है।

18. पालक

पालक की जड़ को नींबू के रस में पीसकर लगाने से eczema रोग ठीक हो जाता है।

19. तुलसी

तुलसी के पत्तों के रस में घी को मिलाकर किसी कांसे के बर्तन में अच्छी तरह घोटकर लेप करने से एक्जिमा से छुटकारा मिलता है।

20. कुटकी 

  • कुटकी और चिरायता को हल्का सा गर्म करके इससे एक्जिमा ग्रस्त भाग को साफ करने से लाभ होता है।
  • 5-5 ग्राम कुटकी और चिरायता को किसी कांच के बर्तन में भरकर रख दें। फिर उसमे रात के समय 100 मिलीलीटर पानी को डाल दें।
  • सुबह उठने पर इस पानी को छानकर पीने से एक्जिमा कुछ ही समय में समाप्त हो जाता है।
  • बाकी बचे चिरायता और कुटकी को रात को सोने से पहले पानी में डालकर रख दें। सुबह उठने पर उसे छानकर पीने से खून साफ हो जाता है।

21. गंधक

शुद्ध गंधक और मिश्री को मिलाकर रख लें। इस मिश्रण में से 3 से 6 ग्राम की मात्रा में रोजाना 2 बार सुबह और शाम सेवन करने से हर तरह की खाज-खुजली या eczema रोग समाप्त हो जाता है।

22. हरड़

हरड़ को गौमूत्र (गाय के पेशाब में) में पीसकर लेप बनाकर रोजाना 2-3 बार एक्जिमा पर लगाने से लाभ होता है।

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