Uncategorized

Haldi ke fayde aur nuksan हल्दी के फायदे और नुकसान

loading...

Haldi हल्दी

इसे अंग्रेजी में टर्मेरिक Turmeric कहते है। इसका सेवन सभी स्त्री, पुरुष, बच्चे, बूढ़े कर सकते है। Haldi वात, पित्त और कफ तीनो की विकृति को सुधारती है। कफ को दूर करने के लिए हल्दी बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। कफ से सम्बन्धित सभी प्रकार के कष्टों को दूर करती है।
हल्दी का स्थानीय उपयोग लेप द्वारा किया जाता है। लेप चोट, मोच, फोड़े, फुंसी, विषैले कीड़े-मकोड़े काटने पर किया जाता है। इससे दर्द, सूजन और जमा हुआ रक्त का संचरण होता है। हल्दी शारीरिक ऊर्जा बढ़ाती है। ये वायु से छुटकारा दिलाकर पाचन क्रिया को मजबूत बनाती है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने में इसका काफी योगदान रहता है।

haldi-ke-fayde

image source google

हल्दी में पाए जाने वाला तत्व

Haldi अनेक अवयवों के साथ ही चार से चौदह प्रतिशत इसेंसियल आयल तथा पांच से बीस प्रतिशत मिनरल्स होते है। करक्यूमिन के कारण हल्दी का रंग पीला होता है। इसके तेल में जवावायोन अर्जवावायोन तथा टरमरिक जैसे जीवनरक्षक पदार्थ पाए जाते है। ये जीवन की लिए प्रतिरोधक क्षमता का विकास करते है। हल्दी से सेवन करने से अल्झीमर्स और अन्य कई मस्तिष्क की बिमारियों से बचा जा सकता है।
हल्दी में पाया जाने वाला रसायन ‘करक्यूमिन‘ है। करक्यूमिन में उपचयनरोधी और प्रदाहरोधी तत्व पाए जाते है। जो की बहुत ही लाभ दायक है।

Haldi ke fayde हल्दी के फायदे

कैंसर

इसमें कैंसर से लड़ने की अद्भुत क्षमता पायी जाती है। Haldi कैंसर पैदा करने वाले ट्यूमर को बनने से रोका जा सकता है। ‘करक्यूमिन‘ स्तन कैंसर का घाव पैदा करने वाली कोशिकाओं को फेफड़ो में फैलने से रोका जा सकता है। जिससे ट्यूमर नहीं बनता है। जो लोग अपने भोजन में हल्दी प्रचुर मात्रा में लेते है। उन्हें स्तन कैंसर, पौरुष ग्रंथि फेफड़े और आंतो सम्बंधित कोई भी खतरा नहीं रहता है। प्रोस्टेट कैंसर में Haldi और गोभी की सब्जी खाये।

चक्कर आना

ये कमजोरी, थकान, बीमारी, मानसिक तनाव, चिंता, उच्च रक्तचाप आदि के कारण होती है। जिससे व्यक्ति चक्कर खाकर गिर जाता है।
कच्ची हल्दी को पीसकर ललाट पर लगाए या लेप कर दे। इससे इन समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

पेट में कीड़े

उल्टा-सीधा खाने से या दूषित भोजन करने से पेट में कृमि, कीड़े पड़ जाते है। जिससे पेट में ऐठन, दर्द आदि शुरू हो जाता है।
दो चम्मच कच्ची Haldi का रस, नमक, तीन चम्मच शुद्ध पानी मिलाकर सुबह खाली पेट एक सप्ताह तक लेने से पेट के कृमि नष्ट हो जाते है।
आधा चम्मच पीसी हुई हल्दी हलके गर्म पानी से दो हफ्ते सुबह शाम लेने से पेट के कीड़े मर जाते है।

लिवर में सूजन

संकम्रण हो जाने से लिवर में सूजन हो जाती है। जिससे और भी बीमारियां के उत्पन्न होने का कारण बनती है।
प्रतिदिन एक गिलास दही या छाछ में एक चम्मच हल्दी मिलाकर सुबह शाम पीने बहुत लाभ मिलता है।

मुंह सूखना

मुंह का सूखना शरीर में पानी की कमी या गर्मियों में ज्यादा पानी के जरुरत के कारण होता है। इससे अत्यधिक प्यास लगता है।
आमला एक चम्मच, एक चम्मच हल्दी,दो चम्मच मिश्री सबको एक साथ पीसकर मिला ले। एक चम्मच दिन में तीन बार शुद्ध पानी के साथ लेने से ये समस्या दूर होती है।

बवासीर

ये मलत्याग करने वाले रास्ते पर होते है। बवासीर दो प्रकार के होते है, अंदरूनी और बाहरी। इसके होने से मलत्याग करते समय खून आना, दर्द, जलन, खुजली आदि होते रहते है।
इसमें मूली पर हल्दी डालकर प्रतिदिन खाये। घी और हल्दी डालकर पेस्ट बनाकर गर्म करके बवासीर पर लगाने से दर्द, जलन में आराम मिलता है।

ऑस्टियोपोरोसिस

Haldi के सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है। जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा नहीं होता है।
आधे गिलास दूध में आधी चम्मच हल्दी डालकर उबाले और ठंडा करके पिए। ये इसके अलावा अनेक प्रकार के कष्टों को दूर करती है। महिलाओ को ये दूध प्रतिदिन सोते समय पीना चाहिए।

हड्डी टूटना

दुर्घटना होने से या गिर जाने हाथ-पैर के हड्डिया टूट जाती है, जिसमे बहुत दर्द होता है।
पांच कली लहसुन घी में सेंक कर आधा चम्मच हल्दी डालकर पीस ले। इसे सुबह शाम गर्म दूध के साथ पीने से दर्द काम होता है। हड्डियां जल्दी जुड़ जाती है।

चोट या सूजन

किसी तरह से चोट लग जाने से उस जगह पर सूजन आ जाती है। जिससे असहनीय दर्द होता है। इसे दूर करने के लिए।
उबलते हुए दो गिलास पानी में एक-एक चम्मच पिसी हल्दी Haldi और नमक डालकर चम्मच से घोल ले। इसे ढक्कन बंद करके रख दे। सेकने लायक पानी के गर्म रहने पर इसे सूती कपडे से क्षतिग्रस्त स्थान पर सेंके। इससे रुका रक्त बह जायेगा और दर्द में मिलेगा।

मोच आना

पैर के नीचे-ऊपर हो जाने से मोच आ जाती है। उस जगह पर तुरंत सूजन हो जाती है और दर्द बहुत तेज होता है।
शहद एक चम्मच, हल्दी एक चम्मच, चुना आधा चम्मच तीनो मिला ले। इस पेस्ट को मोच आये स्थान पर लेप करके रुई रखदे। एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी उबालकर सुबह शाम तीन दिन तक पिए। जिससे मोच, चोट का दर्द और सूजन में आराम मिलता है।

कान के दर्द

कान में मैल बैठ जाने या फुंसी हो जाने से कान में बहुत तेज दर्द उठता है।
चौड़े मुँह के बर्तन में एक लीटर पानी डालकर उसमे एक चम्मच पिसी हल्दी मिला दे। उसे थोड़ी देर तक उबाले। इसमें से निकलती भाप से कान के पास लेकर सेंके। इससे कान के दर्द, सूजन सब ठीक हो जायेगा।

दांत के दर्द

दांत को साफ़-सफाई से न रखने पर दांत में कीड़े लग जाते है। जिससे ये सड़ने लगते है और तेज दर्द होता रहता है।
पिसी हल्दी और सरसो का तेल लेकर लेप बना ले। रात को सोते समय दांतो के दर्द वाली जगह लेप करके सोये। इससे दर्द में बिलकुल आराम हो जाता है।

मसूढ़ों के रोग

इस रोग में दांतो में दबाव पड़ने से मसूढ़ों में सूजन आ जाती है।
सरसो का तेल, आधा चम्मच Haldi और नमक मिला ले। रात को सोते समय इसे दांतो पर मले और इसके लार थूक दे। आधा घंटे बाद गर्म पानी से कुल्ला करे मसूढ़ों और दांतो के रोग ठीक हो जाते है।

सिरदर्द, बदन दर्द

चिंता, तनाव, थकान आदि सिरदर्द और बदन दर्द होते रहता है। जिससे व्यक्ति सही से आराम नहीं कर पाता है।
आधी चम्मच हल्दी की फंकी ले और ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी ले। इससे दर्द की समस्या दूर हो जाएगी।

गठिया रोग

आजकल बुजुर्गो में गठिया रोग बहुत ज्यादा होता है। जिससे उन्हें उठने-बैठने में काफी तकलीफदेह होती है।
मेथी पचास ग्राम, हल्दी पचास ग्राम, सोंठ पचास ग्राम, अश्वगंधा पच्चीस ग्राम सब पीसकर मिला ले। एक महीने तक एक-एक चम्मच सुबह शाम पानी के साथ फंकी लेने से गठिया में बहुत लाभ होता है।

Haldi ke nuksan हल्दी के नुकसान

  • हल्दी रक्त को थक्के को कम करती है। अगर आप एंटीकॉगुलान्त या एंटी पलेट्लेट दवाइयां ले रहे है। तो इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रक्त स्त्राव भी हो सकता है।
  • ये मसाले के साथ अधिक मात्रा में प्रयोग करने से पेट ख़राब होने की संभावना रखता है।
  • गर्भवती महिलाओ को या फिर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हल्दी के सेवन करने से हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए हल्दी का प्रयोग न करे या हलकी मात्रा में करे।

और भी पढ़े

Pyaj ke fayde | प्याज के फायदे
Namak ke fayde | नमक के फायदे

Sending
User Review
0 (0 votes)
loading...

Add Comment

Leave a Comment