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Hing ke fayde | हींग के फायदे

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Hing हींग को अंग्रेजी में आसाफोइटिडा ASAFOETIDA कहते है। ये तेज गंध वाला गोंद है। जो फेरूला-फोइटिडा नामक पौधे के राइजोम वाले भाग से निकाला जाता है। hing दो प्रकार के होते है, सफ़ेद और काला। सफ़ेद को हीरा हींग के नाम से जाना जाता है। जो अच्छे किस्म का होता है। काला को हींगड़ा हींग कहते है, जो कि सफ़ेद की तुलना में कम उपयोगी होता है। मसाले में हींग का उपयोग बहुत किया जाता है जिससे भोजन स्वादिष्ट बनता है। इसके महंगे होने के कारण इसमें मिलावट कर दी जाती है।
हींग प्रकृति में गर्म होता है। इसलिए इसे गर्म प्रकृति वालो को, यकृत के रोगी को नहीं देनी चाहिए। या चिकित्सक से सलाह लेकर दे। हींग में “एलील सल्फाइड” पाया जाता है।

Hing ki pahchan kaise kare हींग की पहचान कैसे करे

शुद्ध हींग बादामी या भूरा रंग का लाली लेकर तेज सुंगंध देता है। इसे पानी में घोलने पर घुल जाता है और पानी कर रंग दूधिया, भूरा पीला हो जाता है। गरम घी में हींग को डालने पर ये लावा की तरह पिघल जाता है। इसे आग में जलाने पर कपूर की तरह जल जाता है। इसको हाथ में लेकर मलने पर यदि तेल में परिवर्तित हो जाता है तो ये शुद्ध हींग है।

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Hing ke fayde हींग के फायदे

ज्वर बुखार

मलेरिया बुखार के शुरुवात में यदि hing को भोजन में डालकर नित्य खाया जाये। तो मलेरिया से बचाव हो सकता है।

-थोड़ा-सा हींग को एक चम्मच अदरक के रस में मिलाकर पीने से बुखार में ठंडी लगना बंद हो जाता है। और ज्वर ठीक हो जाता है।

शक्तिवर्धक हींग

-घी में भुनी1/4 चम्मच hing , पीपल, सोंठ, काली मिर्च सबको एक-एक चम्मच ले। सबको एक साथ मिलाकर पीस ले। एक मटर के दाने के बराबर ये पाउडर प्रतिदिन खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ फंकी ले। इसको चीनी या शहद में मिलाकर भी ले सकते है। हर प्रकार की कमजोरी दूर होगी।

कान में दर्द

-hing को घी में भूनकर, पीस ले। इसे गर्म पानी में घोलकर दर्द वाले स्थान पर लेप करने कान के दर्द ठीक हो जाता है।

काम-वासना को जाग्रति करना

-प्रतिदिन hing को घी में भूनकर मटर के दाने के बराबर की मात्रा में ले। दिन में तीन बार दोनों (पति-पत्नी) गर्म पानी के साथ फंकी ले। इससे दोनों को आपस में मिलते ही उत्तेजित हो जायेंगे।

पेशाब का रुकना, गृध्रसी या तंत्रिका सम्बन्धी रोग

-एक गिलास पानी में आधा ग्राम हींग को घोल ले। प्रतिदिन तीन बार पीने से पेशाब रुकना, गृध्रसी अन्य रोगो में लाभ मिलता है।

डेंगू, मलेरिया वाले मच्छरों से बचाव

-हींग के गंध से मच्छर भाग जाते है। इसलिए hing को कपडे में लपेटकर जेब में रखे। या हींग को कमरे में धुंआ करे। मच्छर भाग जाते है। मच्छर और अन्य कीटाणुओं का प्रभाव शरीर पर नहीं होता है। खासतौर पर हींग का प्रयोग लोग डेंगू में करते है।

पेट में गैस बनना

हींग hing पेट के गैस निकालने में बहुत मदद करता है। इसको काला नमक मिलाकर देने से पाचनशक्ति में कई गुना बढ़ोत्तरी होती है।
-1/4 ग्राम हींग, 2 ग्राम राई के साथ पीस ले। इस मिश्रण को गर्म पानी के साथ फंकी ले। इससे पेट के गैस में तुरंत आराम मिलता है।
गैस बनने पर दो ग्राम आसाफोइटिडा को सेक ले। इसमें एक ग्राम काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ फंकी ले। इससे पेट के गैस में बहुत आराम मिलता है।

सिरदर्द

सर्दी-जुकाम में सिरदर्द होने पर या किसी अन्य कारण से हो।

-इसमें hing और सोंठ को बराबर मात्रा में पीस ले। इसे गर्म पानी में घोलकर दर्द वाली जगह लेप करने से बहुत आराम मिलता है।
-राई के दाने के बराबर हींग पर नमक लगाकर चूसे और गर्म पानी पिए। सिरदर्द में आराम मिलता है।

पेट दर्द

-इसमें दालचीनी 1/4 चम्मच, राई के दाने के बराबर हींग, अजवाइन आधा चम्मच ले। सबको एक साथ पीसकर एक गिलास पानी में उबाल ले। इसी एक गिलास पानी को दिन में तीन बार पिलाये। पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है।
-एक गिलास पानी में एक ग्राम हींग को उबाले। आधा गिलास बचने पर इसे हल्का गुनगुना पिलाये। इससे गैस के कारण हो रहे दर्द में बहुत आराम मिलता है।

हिचकी और डकार

गलत खान-पान के कारण या पेट में गैस इकट्ठी होने के कारण हिचकी और डकारे आने लगती है। इससे छुटकारा पाने के लिए-
-पानी में हींग को घोलकर पेट पर लगाए। जरा सा हींग लेकर केले में रखकर खाये। हिचकी और डकार में लाभ मिलता है। अगर एक बार में लाभ न हो तो एक घंटे बाद फिर यही प्रक्रिया दोहराएं।

दांत के दर्द

साफ़-सफाई न होने के कारण दांत में कीड़े लग जाती है और सड़न उत्पन्न हो जाती है।
-इसमें दांत के दर्द होने पर थोड़ा सा हींग लेकर दर्द वाले स्थान पर रखकर दबाकर रखे। इससे बहुत आराम मिलता है।
-थोड़े-से कपूर में हींग मिलाकर दर्द वाले स्थान पर लगाने से दर्द बंद हो जाते है।
-निम्बू के रस के साथ हींग को पीसकर हल्का सा गर्म कर ले। रुई में लेकर इसको दांत के दर्द वाले स्थान पर लगाए। दांत में छेद हो तो उसमे रुई को भर दे। इससे दर्द तुरंत दूर हो जायेगा।

दाद, खुजली

-दो चम्मच अजवाइन में दो ग्राम हींग ले। इसमें पानी डालकर पीस ले। इसे खुजली हुए त्वचा पर लगाए। इससे बहुत आराम मिलता है।
-निम्बू के रस दो चम्मच, पचास ग्राम चमेली का तेल में हींग और कपूर को मिला ले। इसे खुजली पर लगाने तुरंत आराम मिलता है।
-हींग को पानी या सिरके में घोल ले। इसे दिन में दो बार लगाने से दाद में बहुत आराम मिलता है।

गठिया रोग

अधिक उम्र हो जाने पर पुरुषो और महिलाओ में गठिया से सम्बंधित रोग उत्पन्न होने लगते है। जिससे चलने, उठने-बैठने में परेशानी होने लगती है।
-सेंधा नमक, लहसुन, हींग को समान मात्रा में ले। इसको चार गुना सरसो के तेल में डालकर उबाले। हल्का गर्म रहने पर इनको मालिश करने से गठिया रोग में फायदा होता है।

तनाव

अधिक चिंता होने से या किसी बीमारी के कारण तनाव हो जाता है। जिससे शरीर में कमजोरी और स्मरणशक्ति शक्ति कमजोर हो जाती है।
-थोड़ा-सा हींग को पानी में घोल ले। इसे सूंघे और इसे गर्म पानी में घोलकर सेंधा नमक मिलाकर पिए। प्रतिदिन पीने से बहुत लाभ मिलता है।

रक्त चाप

रक्त चाप के कम हो जाने पर व्यक्ति को सुस्ती आना, सिरदर्द आदि की शिकायत होने लगती है।
-एक गिलास पानी में थोड़ा-सा हींग और आवश्यकतानुसार नमक मिला ले। दिन में तीन बार पीने से रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
-गुड़ और हींग को दो-दो ग्राम की मात्रा में लेकर प्रतिदिन तीन बार पानी के साथ लेने से रक्तचाप में फायदा होता है।

खांसी

बदलते मौसम के कारण या गले में संक्रमण हो जाने से खांसी जैसे रोग हो जाते है। इससे छुटकारा पाने के लिए-
-मुलहठी और सोंठ बीस-बीस ग्राम, हींग दस ग्राम सबको पीस ले। इसमें बीस ग्राम गुड़ मिलाकर गोली बना ले। दिन में तीन बार एक-एक गोली चूसे खांसी समाप्त हो जाएगी।
-एक चम्मच शहद, एक चम्मच अदरक का रस, राई के बराबर हींग ले। तीनो को मिलाकर दिन में तीन बार लेने से खांसी में फायदा होता है।
-अगर कफ वाली खांसी हो तो गर्म पानी में थोड़ा-सा हींग लेकर घोल ले। इसे पिलाने से कफ पतला होकर निकल जाता है। सर्दी, जुकाम में भी फायदा होता है।

स्त्री रोग

श्वेत प्रदर, मासिक धर्म अधिक आना, बांझपन, गर्भपात, समय से पहले प्रसव पीड़ा होना आदि होने हींग बहुत उपयोगी है।
-घी में हींग को सेक कर आधा गिलास दूध में डाले। इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर एक महीने तक नित्य सुबह शाम पिए। इससे बहुत फायदा होता है।

चेतावनी:- लिवर की बीमारी और गर्म प्रकृति वाले लोग। शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलाये, गर्भवस्था स्त्री, उच्च रक्तचाप वाले कम से कम हींग के सेवन करे। हींग को भूनकर खाये कच्ची हींग खाने से उलटी हो जाती है।

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