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Jal jane ke gharelu upchar ya ilaj | जल जाने के घरेलु उपचार या इलाज

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जलने के बाद क्या करे | Jal jane ke gharelu upchar

बिजली, रसायन, आग से जलना आजकल आम समस्या बन गयी है। गंभीर रूप से जले हुए व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सा की जरुरत पड़ती है। जिसमे जले हुए व्यक्ति को अस्पताल के बर्न यूनिट में इलाज किया जाता है। वही गर्म तरल पदार्थो से बच्चो का जलना भी आम समस्या बन गयी है। खाना बनाते समय या किसी अन्य गर्म द्रव्य से भाप लग जाना या आग से जल जाने के कारण फफोले निकल आते है। जिसमे पानी भर जाता है जो कि बहुत ही पीड़ादायक होती है। जिसमे दर्द और जलन महसूस होती है।

गंभीर रूप से जले हुए व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन थोड़े बहुत जले हुए व्यक्ति का घरेलू इलाज या उपचार आप घर पर ही कर सकते है। जिसमे जलन और दर्द को समाप्त कर जले हुए घाव ठीक होते है। Jal jane पर अधिकांश मामलो में हमें घाव को शुद्ध पानी से धुल लेने चाहिए जिसमे बर्फ नहीं होना चाहिए। क्योकि इससे शरीर के जले हुए ऊतक को नुकसान पंहुचा सकता है।

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जल जाने के घरेलु उपचार या इलाज jal jane ke gharelu upchar ya ilaj

नारियल तेल और कपूर

नारियल का एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल होता है जो जले हुए घाव पर संक्रमण नहीं होने देता है। और घाव को ठीक करने में मदद करता है। कपूर एक एंटीबैक्टीरियल होता है जो घाव को जल्दी भरने में मदद करता है।

  • 50 मिली. नारियल का तेल लेकर उसमे 10 ग्राम कपूर पीसकर डाल दीजिये।
  • सुबह शाम इसे जले हुए स्थान पर लगाने से घाव ठीक होता है।

तुलसी के पत्ते

इसके पत्तो में कई प्रकार के योगिक रासायनिक तत्व पाए जाते है। जो बिभिन्न बिमारियों को दूर करने में सहायक होते है। ताजा तुलसी के पत्ते का रस त्वचा से बैक्टेरिया हटाने और उसको नष्ट करने का काम करता है।

  • Jal jane पर तुलसी के पत्तो को पीसकर उसके रस को लगाने से बहुत लाभ मिलता है।
  • या फिर तुलसी के पत्तो को पीसकर पतली तह घाव पर लगाए।

हल्दी

इसमें प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी है जो की संक्रमण रोकने और ख़त्म करने में सहायक होती होती है।

  • जल जाने पर हल्दी का पाउडर लगाने से जलन और दर्द में बहुत आराम मिलता है।
  • ये आपातकालीन के समय उपयोग किया जा सकता है।

कार्बोलिक एसिड और वैसलीन

2 बूंद कार्बोलिक एसिड को 1 छोटे चम्मच वैसलीन में डालें। वैसलीन न मिले तो नारियल के तेल में मिलाकर लगाने से भी जलन शान्त होती है।

आलू

आलू में विटामिन-सी, बी-कॉम्लेक्स, पोटैसियम, मैग्नेशियम आदि पाए जाते है। जो त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होते है। इसके गूदे को निकालकर लगाने से जलने के घाव ठीक हो जाते है।

  • इसको दो भागो में काटकर या आलू के छिलके लेकर जले हुए स्थान पर रखने से जलन को खत्म करके ठंडक पहुँचाती है।

शहद

ये जीवाणुरोधी और फंगसरोधी होता है। इससे जलने के बाद होने वाले संक्रमण को रोकता है। जिससे दर्द और जलन में आराम देकर घाव को जल्दी ठीक करता है।

  • शहद घाव के कीटाणुओं को नाश करने में मदद करता है।
  • शहद को लेकर पट्टी करने से संक्रमण नहीं उत्पन्न होता और घाव को ठीक करता है।
  • पट्टी को दिन में दो से तीन बार बदलते रहना चाहिए।

चायपत्ती

इस में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है। जो त्वचा के संक्रमण के खतरा दूर करता है। ये ब्लड सर्कुलेशन अच्छाकर बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है।

  • बनी हुई चाय को छानकर चायपत्ती लेकर एक सूती कपडे के पोटली बना ले।
  • फिर इसको जले हुए घाव पर रखे इससे घाव को ठंडक पंहुचा कर जलन को समाप्त करती है।
  • ध्यान रहे चायपत्ती ठंडी होनी चाहिए या फिर आप चायपत्ती को थोड़ी देर फ्रीज़ में रख सकते है।

टूथपेस्ट

ये न केवल दांत साफ करने में काम आता है बल्कि ये जलने वाले त्वचा में भी काम आता है। इससे त्वचा की जलन समाप्त कर संक्रमण मुक्त करता है।

  • इसका उपयोग करना बहुत ही लाभदायक रहता है।
  • टूथपेस्ट Jal jane पर हुए घाव पर फफोले नहीं पड़ने देता और ठंडक पंहुचा कर जलन को समाप्त कर देता है।

चन्दन और मुलहटी

जले हुए त्वचा पर खुजली या फिर सनबर्न के कारण हो रहे खुजली के लिए चन्दन का उपयोग किया जाता है। मुलहटी वायरस, बैक्टीरिया और बुरे संक्रमण से बचाता है। जिससे घाव जल्दी ठीक हो जाते है।

  • चन्दन में मुलहटी को महीन पीसकर थोड़ा शुद्ध पानी लेकर लेप बना ले।
  • इसे जले हुए स्थान पर लगाने से ठंडक पहुँचती है और जलन समाप्त होती है।

चूना का पानी और नारियल का तेल

ये पत्थर एक अवसादी चट्टान है। जो मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट के विभिन्न क्रिस्टलीय रूपों से मिलकर बनी होती है। इसके पानी अनेक बिमारियों में काम आता है। नारियल का एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल होता है जो जले हुए घाव पर संक्रमण नहीं होने देता है।

  • इसका पानी और नारियल तेल दोनों को मिलाकर लगाए।
  • जिससे जले हुए स्थान पर फफोले नहीं पड़ते और ठंडक पहुँचता है।

जीरा

जीरे में एंटीइंफ्लेमटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है। जो जले हुए त्वचा में ठंडक पंहुचा कर फफोले होने से बचाते है।

  • इसको बारीक़ पानी में पीसकर लगाने से जलन शांत हो जाती है।

दूध और जायफल

इसमें एमिनो एसिड पाए जाते है जो सूर्य के किरण से त्वचा को पहुंचने वाले क्षति को बचाता है। ये त्वचा को सुन्दर बनाये रखने में मदद करता है। जायफल ठंडा होता है जो की त्वचा पर दूध में मिलाकर लगाने से ठंडक मिलती है।

  • कच्चे दूध में जायफल को अच्छी तरह से घिसकर जलने वाले स्थान पर लगाने से ठंडक पहुँचती है।

बेल

इनमें टेनिन, प्रोटीन, लोहा आदि तत्व पाए जाते है जो त्वचा में संक्रमण होने से बचाते है।

  • Jal jane पर पानी में पके हुए बेल का गूदा घोलकर लगाने से जलन ख़त्म होकर फफोले नहीं पड़ने देता है।

टमाटर

इनमे मौजूद एन्टीइन्फ्लैमटोरी गुण पाए जाने के कारण सूजन नहीं होते है। टमाटर खाने से रक्त शुद्ध रहता है और मांसपेशियों को मजबूती रखता है। इसमें संक्रमण से लड़ने की क्षमता अधिक मात्रा में पायी जाती है।

  • इसको अच्छी तरह से धुलकर उसे स्लाइस में कांट ले।
  • जले हुए घाव पर टमाटर के स्लाइस को रखे और उसे सूखने तक हटाए नहीं।
  • इससे जल्दी ही घाव ठीक होकर सामान्य हो जाता है।

एलोवेरा

इसमें एंटी एलर्जिक और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है। जिससे घाव में होने वाले खुजली और संक्रमण से राहत मिलती है।

  • एलोवेरा के पत्ते को काटकर उसके गूदे को निकालकर जले हुए स्थान पर लगाने से बहुत आराम देता है।
  • ये जलन समाप्त कर पीड़ा होने से बचाता है।

दूध और हल्दी

इसमें एमिनो एसिड पाए जाते है जो सूर्य से त्वचा को पहुंचने वाले क्षति को बचाता है। हल्दी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी जड़ी-बूटी है।

  • दूध में पाए जाने तत्व संक्रमण होने से बचाते है।
  • थोड़ा दूध में हल्दी लेकर इसका पेस्ट बना ले।
  • इसे जले हुए स्थान पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाते है और ये त्वचा की सुंदरता भी बढ़ाता है।
  • इसके प्रयोग से जलने का निशान भी मिट जाता है।

नारियल तेल और निम्बू के रस

निम्बू में सिट्रिक एसिड पायी जाती है। ये एक शीतल दायक फल है जो जले हुए त्वचा की जलन को समाप्त कर देता है। पुराने जले हुए निशान को निम्बू का रस ख़त्म कर देता है।

  • इसका रस दो चम्मच और नारियल तेल दस मिली लेकर दोनों को मिला ले।
  • इसे लगाने से थोड़ा दर्द होगा लेकिन घाव जल्दी भरता है और इसके निशान भी मिटा देता है।

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