घरेलु उपचार

जीभ पर सफेद छाले या गहरे लाल रंग के छोटे-छोटे दाने तो ये है पेट की गड़बड़ी का संकेत

जीभ पर सफेद छाले
loading...

दरअसल हमारी जीभ का रंग देखकर हमारे स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताया सकता है। अलग-अलग बीमारियों के लक्षणों के साथ हमारे जीभ का रंग भी बदलता रहता है। आप भी अपनी जबान का रंग देखकर रोगों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

सफेद छाले या लाल घाव :

अगर जीभ पर सफेद छाले हो गए हैं या गहरे लाल रंग के छोटे-छोटे दाने  दिख रहे हैं तो ये पेट की गड़बड़ी का संकेत है। हमारी जबान का सीधा संबंध हमारे पेट से है इसलिए पाचन की गड़बड़ी का परिणाम कई बार हमारे जीभ पर लाल और सफेद छालों के रूप में दिखता है। इसके अलावा ये हार्पीज नाम की गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर ये छाले सामान्य उपचार से या अपने से एक सप्ताह तक ठीक नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।जीभ पर सफेद दाग

सफेद पर्त आ जाना :

जीभ पर सफेद रंग की झीनी पर्त आम बात है और ये जीभ के स्वस्थ होने का लक्षण है। ये एक तरह की फफूंद होती है जिसे कैंडिडा कहते हैं और इससे जबान को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। लेकिन अगर ये रंग हल्का पीला हो जाए या इसकी पर्त मोटी हो जाए तो ये यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण हैं। जोकि जानलेवा भी हो सकती है।

इसमें कैंडिडा ज्यादा मात्रा में प्रोड्यूस हो जाती है। कई बार एंटीबॉयोटिक दवाओं के ज्यादा इस्तेमाल से भी जबान पर ये पर्त जमने लगती है। असल में एंटीबायोटिक दवाओं से बैक्टीरिया मर जाते हैं लेकिन यीस्ट रह जाते हैं और वो शरीर में बैक्टीरिया की जगह लेने लगते हैं इसलिए ये पर्त जबान पर आ जाती है। कई बार ये इम्यून सिस्टम की कमजोरी से भी होता है।

लाल रंग के छाले

लाल रंग के छाले जैसे उभार :

जीभ के नीचे या ऊपर लाल रंग के उभार कैंसर का संकेत हो सकते हैं। इन उभारों की शक्ल जबान पर होने वाले छालों जैसी ही होती है लेकिन ये उनसे थोड़ा बड़े होते हैं। इसके अलावा मुंह से सामान्य छाले ज्यादा से ज्यादा दो सप्ताह में खुद ही ठीक हो जाते हैं। अगर ये छालेनुमा उभार दो सप्ताह तक नहीं ठीक होते तो आपको बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार इन उभारों में आपको दर्द या कोई अन्य समस्या नहीं होती है फिर भी डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार कैंसर जैसे गंभीर रोग शुरुआती स्टेज में शारीरिक तकलीफ नहीं देते हैं।

जीभ का ज्यादा लाल या मुलायम हो जाना :

अगर आप की जबान का रंग गहरा लाल( स्ट्रॉबेरी रेड) हो गया है या ये बहुत मुलायम महसूस हो रही है, तो ये शरीर में विटामिन बी12 या आयरन की कमी का संकेत है। ऐसी स्थिति में कई बार गरम लिक्विड पीने या नमक, मिर्च वाला खाना खाने से मुंह में तेज दर्द होता है। वेजिटेरियन लोगों में अक्सर विटामिन बी12 की कमी होती है क्योंकि ये ज्यादातर मांस में पाया जाता है।जीभ पर भूरी या हल्की काले रेशे सा बन जाना

जीभ पर भूरी या हल्की काले रेशे सा बन जाना :

जीभ पर भूरे या काले रेशे देखने में जरूर खराब लगते हैं या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत लग सकते हैं लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। असल में हमारी जीभ पर छोटे-छोटे उभार होते हैं जिन्हें पैपिला कहा जाता है। आमतौर पर ये खाना चबाने या पानी पीने के दौरान टूटते रहते हैं इसलिए हमें पता नहीं चलता है। लेकिन कई बार ये उभार उम्र के साथ बढ़ते जाते हैं। इन्हीं पर बैक्टीरिया जम जाने के कारण जीभ का रंग भूरा या काला दिखने लगता है। इससे शरीर को कोई गंभीर नुक्सान तो नहीं होता लेकिन कई बार इसकी वजह से सांसों से बदबू आने लगती है या खानों का स्वाद कम मिल पाता है। इसे न जमने देने के लिए आपको रोज ब्रश से दांत साफ करने के साथ-साथ टंग क्लीनर से जीभ भी साफ करनी चाहिए।

मुंह और जीभ पर छाले के उपचार :-

नारियल का दूध :छाले होने पर नारियल के दूध का इस्तेमाल करना बहुत लाभकारी होता है। साथ ही छालों में होने वाले दर्द को भी कम करता है। प्रयोग के लिए 1 चम्मच नारियल के दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर छाले वाले हिस्से पर मसाज करें। दिन में 3 से 4 बार प्रयोग करने से समस्या ठीक हो जाएगी। आप चाहे तो नारियल के दूध से कुल्ला करके भी छाले ठीक कर सकते है।
धना :यह एक प्रकार का आयुर्वेदिक उपचार है जो छालो की समस्या पर जड़ से काम करता है। और आराम पहुंचाता है। इसके लिए एक कप पानी में 1 चम्मच धना डालकर उबाल लें और छान कर ठंडा कर लें। उसके बाद इस पानी से कुल्ला करें। रोजाना 2 से 3 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें। आराम मिलेगा।
बेकिंग सोडा :अगर आपके जीभ या मुंह पर छाले किसी खट्टी चीज जैसे नींबू संतरा आदि के खाने की वजह से हुए है तो इसमें बेकिंग सोडा बहुत लाभकारी होता है। इससे मुंह में हुआ इन्फेक्शन और बैक्टीरिया भी दूर हो जाते है। प्रयोग के लिए 1 चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाए। अब इसे अपने छालों पर लगाएं। आप चाहे तो सीधे बेकिंग सोडा भी छालों पर लगा सकती है। इससे थोड़ी जलन होगी इसीलिए थोड़ा ध्यान से प्रयोग करें।
शहद : छालें में आराम देने के लिए शहद काफी लाभकारी होता है। इससे दर्द और जलन में काफी आराम मिलता है। इसके लिए रुई में शहद लगाकर उसे छालों पर लगाएं। आप चाहे तो इस तरह से ग्लिसरीन भी लगा सकते है। इससे छालों में ठंडक मिलती है।
एलोवेरा :छालों से छुटकारा पाने का ये तरीका पूर्णतः नेचुरल है इसका प्रयोग कभी भी किया जा सकता है। एलोवेरा के जेल का प्रयोग करने से छालों में दर्द कम होता है। इसकी एंटी बैक्टीरियल प्रकृति बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करती है।
तुलसी :तुलसी के पत्ते बहुत सी समस्या में आराम दिलाने में मदद करते है। इसका प्रयोग करने से छाले भी ठीक हो जाते है। प्रयोग के लिए 4 से 5 तुलसी के पत्तो को धोकर उन्हें चबाएं। उसके बाद थोड़ा पानी पियें। दिन में 2 बार इसका प्रयोग करें छाले ठीक हो जाएंगे।
बर्फ :बर्फ भी छालों में आराम दिलाने में मदद करती है। इसके लिए जब छाले हो तो बर्फ की सिकाई करें। इससे जलन और दर्द में आराम मिलेगा।
हल्दी :हल्दी छालों के लिए भी काफी बेहतर उपाय है। ये हर प्रकार के घाव को ठीक करने की क्षमता रखती है। छालों में प्रयोग के लिए 1 ग्लास गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी मिलाएं। अब इस पाने से कुल्ला करें। दिन में इस प्रक्रिया को दोहराएं आपकी समस्या ठीक हो जाएगी।
अमरुद :छालों में अमरूद का सेवन करना बहुत लाभकारी होता है। इसके रस को लगाने से छालें ठीक हो जाते है।
धनिया :धनिये की पत्ती भी छालों में आराम देने में मदद करती है। इसके प्रयोग के लिए धनिये की पत्ती या उसके तने का रस निकाल लें। अब इस रुई में लेकर अपने छालों पर लगाएं। छाले ठीक हो जायेंगे।
Sending
User Review
5 (1 vote)
loading...

Leave a Comment