Uncategorized

Kababchini ke Fayde aur Nuksan

loading...

कबाबचीनी Kababchini

इसे दूसरी भाषाओं में शीतलचीनी, कंकोलकम, कोशफलम, सुगन्धमरिचम, कंकोल मिर्च, चणकबाब, ककोड़, कांकला, काबवह, Kababchini आदि नामो से जाना जाता है। ये भारत के तटीय भागो के वनो में, मालायाद्वीप समूह, सोमात्रा में पाया जाता है। इसे शीतल चीनी भी कहते है। यह एक परजीवी झाड़ी है, जिसके फूल सफ़ेद होते है। इसके बीज गोलमिर्च की तरह होते है।

kababchini-ke-fayde-aur-nuksan

image source google

कबाबचीनी के आयुर्वेदिक महत्व Kababchini ke ayurvedic mahatw

शीतलचीनी चरपरी, कड़वी, हलकी, गरम, दीपन, पाचक, रुचिकर, सुगन्धित, ह्रदय का हितकारी, कफनाशक, दुर्गन्धि, वातरोग, हृदयरोग, मंदाग्नि और नेत्ररोगो को दूर करने वाला होता है। ये सिरदर्द, मुंह के छाले, गुर्दे की बीमारी, जिगर की बीमारी और पागलपन के रोंगो में बहुत लाभ पहुँचाती है।

कबाबचीनी के फायदे Kababchini ke fayde

  1. कबाबचीनी के चूर्ण को मिश्री के साथ फंकी लेने पर मूत्र की रुकावट दूर होती है।
  2. अफीम के साथ शीतलचीनी की गोलियां बनाकर देने से आमातिसार मिटता है।
  3. गले का भारीपन और कंठ को साफ़ करने की लिए कबाबचीनी, वाच और कुलिंजन को नागरबेल के रस में पीसकर गोली बनाकर चूसनी चाहिए।
  4. दूध के साथ शीतलचीनी के चूर्ण का फंकी देने पर पेशाब में वृद्धि होती है।
  5. कंकोल मिर्च इलाइची, वंशलोचन और मिश्री को समान भाग में लेकर चूर्ण बना ले सुबह शाम 10 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लेने से वीर्य की समस्या दूर होती है।
  6. इस पौधे के बीज बच्चो के सर्दी जुकाम में बहुत काम आता है बीस ग्राम बीज थोड़े से पानी मले और इसे शरीर पर मले।
  7. इसके बीज में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते है जिससे शरीर का तापमान कम करके बुखार में लाभ पहुंचाता है।
  8. सर्दी जुकाम और खांसी में शीतलचीनी को पीसकर एक चम्मच शहद के साथ खाने से रहता मिलती है।
  9. बवासीर से पीड़ित व्यक्ति आधा चम्मच कबाबचीनी का चूर्ण दो कप गर्म दूध के साथ लेने से बहुत फायदा होता है।
  10. कंकोलकम के सुगन्धित खुशबु आपके साँसों की बदबू दूर करती है और मुंह को साफ़ रखती है।
  11. कोशफलम के प्रकृतिक गुणों के कारण गठिया रोग में सूजन और दर्द को कम करता है।
  12. दो चम्मच कबाबचीनी को शुद्ध पानी के साथ लेने पर स्वप्नदोष की समस्या हमेशा के लिए दूर होती है।
  13. गर्म पानी में शीतलचीनी का तेल डालकर उसका भाप लेने से दमा में बहुत आराम मिलता है।

कबाबचीनी के नुक्सान Kababchini ke nuksan

  • शीतलचीनी का ज्यादा मात्रा में सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक होता है।
  • ज्यादा खाने से मूत्र मार्ग और आंतो में जलन, विषाक्तता बढ़ती है।
  • गर्भवती महिलाये इसको खाने से चिकित्सक से परामर्श ले लेना चाहिए।

और भी पढ़े

Kumudni | कुमुदनी ke Fayde

Sending
User Review
0 (0 votes)
loading...

Leave a Comment