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Kala Dahtura ke fayde काला धतूरा के फायदे

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काला धतूरा Kala Dhatura को अन्य भाषाओं में मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिवशेखर, सविष, कनक, धुतूरा, सादा धुतूरा, धोत्रा, काला धतूरी, जन्जेलमापिल, ततूर, दतुरम, kala dhatura  आदि नामो से जाना जाता है। ये एक क्षुप जाति की वनस्पति है। इसके पत्ते बड़े डंठल युक्त, नोकदार, अण्डाकृत होते है। इसके फूल घंटे के आकार के होते है, फूल का रंग बीच में सफ़ेद होता है। इनमे पांच पंखुडिया होती है।इसके फल गोल, कांटेदार और भीतर बहुत बीजो वाला होता है। इसके वनस्पति के सूखे पत्ते और बीज औषधि प्रयोग के काम आते है। इसके बीज कालेपन लिए भूरे रंग के, चपटे, खुरदरे और कड़वे होते है। इनमे कोई सुगंध नहीं होती, मगर कूटने पर एक प्रकार की उग्र गंध आती है।

काला धतूरा के फायदे Kala Dhatura ke fayde

1-सुजाक

इसके पत्तो को पीसकर उसके रस को निकाल ले। और उसे घी निकाले हुए दूध के साथ पिलाने से सूजाक बहुत लाभ मिलता है।

2-कान के सूजन में लाभ

धतूरा के पत्तो के रस लेकर उसे आग पर रखकर गाढ़ा करे। इसे कान के पीछे की सूजन पर लगाने से आराम मिलता है।

3-कामशक्ति बढ़ाने में धतूरा उपयोगी

धुतूरा के बीज, अकलकरा और लौंग इन तीनो चीजों की पीसकर गोलिया बना ले। इन गोलियों के खिलाने से कामशक्ति बढ़ती है।

4-बुखार में लाभ

काले धतूरे के बीज को पीसकर इसका चूर्ण बना ले। इसे आधी रत्ती के मात्रा में बुखार आने से पहले देते पर बुखार छूट जाता है और शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है।

5-गर्भधारण करने में

इसके फलो को पीसकर चूर्ण बना ले और इसे घी और शहद में मिलाकर खिलाने से गर्भधारण करने में सहायता मिलती है।

6-वीर्यस्राव में लाभदायक

kala dhatura के बीज और काली मिर्ची को पानी में पीसकर, काली मिर्च के बराबर गोलियां बना ले। इसमें से एक-एक गोली सुबह शाम सौंफ के अर्क के साथ ले। इक्कीस दिन में पुरानी से पुरानी अनैच्छिक वीर्यस्राव की बीमारी दूर हो जाती है। लेकिन इसमें खटाई और बाड़ी की चीजों से परहेज करने चाहिए।

7-क्षय रोग

kala dhatura के पत्तो का स्वरस एक रत्ती के मात्रा में देने से क्षय रोग में बहुत लाभदायक होता है।

8-गठिया रोग या हड्डी के दर्द में लाभ

इसके पत्तो को पीसकर सूती कपडे में पुल्टिस बांधकर या पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह पर लेप करने से गठिया और हड्डी के दर्द में बहुत लाभ मिलता है।

9-दांत के दर्द में फायदे

शिवशेखर के बीजो को पीसकर गोली बना ले। इसे दांत में हुए सूराख या दांत के दर्द वाले स्थान पर रखने से लाभ मिलता है।

10-दमा के दौरे पड़ने पर इसके लाभ

तम्बाकू, धतूरा, अपामार्ग और जवासा इन चारो चीजों को समान भागो में लेकर चूर्ण बना लेना चाहिए। इसमें से दो चुटकी चूर्ण चिलम में रख कर पीने से दमे का दौरा पड़ना बंद हो जाता है।

11-बादी के दर्द में प्रयोग

काले धतूरे का पंचांग का रस निकालकर उसको तिल्ली के तेल में पचा देना चाहिए, इस तेल को मालिश करके ऊपर धतूरे के पत्ते से बाँध देने से बादी का दर्द मिट जाता है।

चेतावनी:- अधिक मात्रा में धतूरे का सेवन करना विष है। ये अपने बेहद खुश्की की वजह से बदन को सुन्न कर देता है। सिर में दर्द पैदा करता है और पागलपन, बेहोशी पैदा करके व्यक्ति की जान ले लेता है। काला धतूरा का सेवन करने से पहले इसकी कौन से बीमारियों में कितनी मात्रा लेनी चाहिए जांच ले। आयुर्वेद चिकित्सको के अनुसार इसके पत्तो के चूर्ण की मात्रा एक ग्रेन तक, बीजो के चूर्ण की मात्रा आधे ग्रेन तक और इसके सत्व की मात्रा पावग्रेन तक है।

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