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Karela ke fayde aur nuksan करेला के फायदे और नुकसान

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करेला को अन्य भाषाओं में करेली, कारवेल्ली, अंबुबल्लिका, उग्रकांड, कंटफला, उच्छे करेला, पोटी कारक, बरामसिया, करेलो, कड़वा बेला, कारले, क्षुद्र कारली, काकरा, किसोलबरी, सिमहंग आदि नामो से जाना जाता है।

करेला की पहचान Karela ki pahchan

ये पूरे भारत देश में पायी जाती है। ये एक लता जाति की वनस्पति है। इसके फूल पीले होते है। इसके पत्ते कटे हुए रहते है। इसके फल कच्चे पर हरे और पकने पर नारंगी रंग के हो जाते है जो नक्कीदार होता है। इसके ऊपर कई दाने रहते है। इसके बीज फल के बीच में दबे हुए रहते है। ये दो प्रकार के होते है एक करेला और दूसरी करेली। जो बरसात में पैदा होता है उसे करेली कहते है, और जो गर्मी में पैदा होता है उसे करेला कहते है।

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करेला के महत्वपूर्ण गुण Karela ke mahatwpurn gun

आयुर्वेद के अनुसार करेले की जड़ नेत्ररोग, गुदाद्वार की पीड़ा और योनि भ्रंशरोग को दूर करती है। इसका फल कटु या कड़वा, शीतल, भेदक, हल्का, विरेचक, ज्वरनिवारक, कृमिनाशक और क्षुधावर्धक होता है। करेला पित्त, कफ, रक्तविकार, रक्ताल्पता और मूत्र सम्बन्धी बीमारियां दूर करती है।

करेला के फायदे Karela ke fayde

  1. डायबिटीज या मधुमेह में कच्चा करेला खाने से रक्त में शर्करा के मात्रा (ब्लड शुगर लेबल) घटता है।
  2. इसके पत्तो का रस दो-दो चम्मच सुबह शाम पिलाने से आंतो के कीड़े मरते है।
  3. पथरी के रोग होने पर इसके पत्तो के रस पिलाने से बहुत लाभ मिलता है।
  4. करेले में पंचांग, दालचीनी, पीपर, चावल को जंगली बादाम में मिलाकर लगाने से खाज-खुजली मिट जाते है।
  5. चाक मिटटी के साथ इसके रस को मिलाकर लगाने से मुंह के छाले खत्म हो जाते है।
  6. करेली बहुत कड़वी होती है। ये गरम, कफ, वात, रुधिर विकार, ज्वर और कुष्ठ रोग को दूर करने वाली होती है।
  7. हल्दी और करेले के पत्तो का ताजा रस से माता की बीमारी, खसरा और खतरनाक बिमारियों में लाभ पहुँचता है।
  8. इसकी सब्जी बनाकर खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद करता है।
  9. यह दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को काफी कम करता है।
  10. इसके प्राकृतिक गुण रक्त चाप को नियंत्रित रखता है।
  11. इसमें बीटा-केरोटीन और विटामिन-ए रहता है जिससे ये हमारे आँखों को स्वस्थ रखता है।
  12. करेला एक प्राकृतिक रक्त शोधक है जो रक्त को स्वच्छ रखता है। जिससे एलर्जी, थकान, सिरदर्द नहीं होता है।
  13. फल को लगातार आहार में लेने से हमारे शरीर में संक्रमण होने का खतरा नहीं रहता है।
  14. लगातार करेले के सेवन से ग्रीवा, प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है।
  15. ये ट्यूमर के विकास होने से रोकता है।
  16. 2-3 चम्मच करेले के पत्तो का रस एक गिलास छाछ में सुबह शाम पीने से बवासीर में बहुत लाभ मिलता है।

करेले के नुकसान Karele ke nuksan

  1. करेला को खरीदते समय ताजा और हरा करेला ही चुने, पीले, या जो नरम ढीलापन हो उसे बिलकुल न ले।
  2. इसकी सब्जी बनाने से पहले करेले को अच्छी तरह से धो ले। साफ़ न धुलने के कारण बीमारी फ़ैल सकती है।
  3. करेलो का जूस बहुत कड़वा होता है जूस पीना चाहते है तो उसमे शहद या सेब का रस मिलाकर पी सकते है।
  4. अगर करेले का सब्जी की कड़वाहट कम करनी है तो उसमे निम्बू का इस्तेमाल कर सकते है। विकी 

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