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Namak ke fayde | नमक के फायदे

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Namak नमक

विश्व के अनेक भागो में Namak अलग-अलग रंग का पाया जाता है। इनके स्वाद भी अलग-अलग होते है लेकिन सबका रासायनिक स्वरुप वही होते है “सोडियम क्लोराइड Sodium Chloride”। जिस जगह, जिस पानी से नमक बनता है, उस पानी में जो खनिज लवण पाए जाते है। उनसे नमक का रंग बनता है।
मसालों में सर्वोपरि नमक भोजन को स्वादिष्ट और स्वास्थ्य को रोगमुक्त रखने में सहायक होता है। सेंधा नमक सबसेअच्छा नमक माना जाता है। औषधि के रूप में इसी नमक का प्रयोग करते है। यह सांभर, समुद्री नमक Namak से अच्छा होता है। नमक का प्रयोग कम से कम मात्रा में करनी चाहिए। नमक डालकर बनाई गई रोटी खाने से दांतो में कण चिपक जाते है जो कि दांतो को कमजोर कर देते है। अधिक नमक सेवन करने से असमय झुर्रियां हो जाती है, इसलिए नमक का सेवन कम करे।

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नमक खाने के मात्रा

लोग आवश्यकता से ढाई गुना नमक अधिक खाते है। ज्यादा नमक खाने ह्रदय के रोंगो का खतरा 20% और आघात का खतरा 40% बढ़ जाता है। इसका ज्यादा सेवन करने से ये शरीर से कैल्शियम सोख लेता है और हड्डियों को कमजोर बना देता है। जिसे “ऑस्टियोपोरोसिसosteoporosis” होने का खतरा रहता है।
भोजन में अधिक सोडियम से हाइपरटेंशन, हृदय रोग, जल धारण, पेट का कैंसर, गुर्दे की समस्याओं आदि। जैसे रोगो की होने की संभावना बढ़ जाती है।
सोडियम उचित मात्रा में ले। सोडियम की कमी से इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन व डिप्रेशन हो जाता है। इसलिए आप सामान्य भोजन करते है। तो दिन भर सोडियम की मात्रा एक चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए।

सोडियम(नमक) के दुष्प्रभाव से बचाव

इससे बचने के लिए कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थो का सेवन अधिक मात्रा में करे। इससे इसके कुप्रभाव नष्ट किया जा सकता है। इसके लिए मलाईरहित दुग्ध(दूध) उत्पाद, हरे पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। कैल्शियम के सेवन से रक्तचाप कम होता है और सोडियम के हानिकारक प्रभावों को कम करता है।

Namak ke fayde नमक के फायदे

मिरगी

ये किसी को भी, किसी भी उम्र में हो सकती है। बच्चो को मिरगी रोग होने से उनके बचपन पर बहुत दुष्प्रभाव पड़ता है। लगभग 60 से 70% बच्चे जिनको बचपन में मिरगी की बीमारी थी। बड़े होने पर इस बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। कुछ प्रकार के मिरगी के बीमारी बच्चो को बचपन में सिर्फ एक बार आती है। बाद में फिर कभी नहीं होती।

  • मिरगी का दौड़ा पड़ने पर तत्काल रोगी के दोनों हथेलियों में नमक मले। इससे रोगी को तुरंत आराम मिलता है।

शक्तिवर्धक

आजकल व्यक्ति के सही खान-पान न हो पाने के कारण या फिर कोई बीमारी के कारण कमजोरी का सामना करना पड़ता है। जिससे व्यक्ति का नित्य कार्य सही से नहीं हो पाता है। इसलिए व्यक्ति को हमेशा स्वस्थ्य रहना बहुत जरुरी है।

  • बीमारी ठीक होने के बाद की कमजोरी को दूर करने के लिए एक बाल्टी गर्म पानी ले। उसमें एक मुट्ठी पिसा Namak घोलकर स्नान करे। इसके पानी से स्नान करने के बाद गर्म पानी से और नहाये। इससे बीमारी से ठीक होने के बाद की कमजोरी दूर हो जाती है।

दर्द

चोट लगना, गठिया या जोड़ो में हो रहे दर्द असहनीय होता है। दर्द की जगह सूजन की भी शिकायत हो सकती है। जिससे व्यक्ति को चलने, उठने-बैठने की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए दर्द और सूजन छुटकारा पाना बहुत जरूरी होता है।

  • राई और नमक गर्म पानी से पीसकर लेप बना ले। इस लेप को दर्द वाले स्थान पर लगाए और ऊपर से पट्टी बांध ले। अगर ये संभव न हो तो तिल के तेल में Namak डालकर मालिश करे।
  • एक लीटर गर्म पानी में चार चम्मच नमक मिलाकर सूती कपडे से उसी गर्म पानी से सेकें। इससे जोड़ो या गठिया का दर्द, चोट लगने से हो रहे दर्द और सूजन में बहुत आराम मिलता है।

गठिया या आमवात

बढ़ती उम्र, मोटापे, कमजोरी आदि के साथ बूढ़ो-बुजुर्गो और महिलाओ में गठिया रोग की समस्या बढ़ जाती है। जिससे उन्हें चलने-फिरने, काम करने में दिक्कत महसूस होती है।

  • यदि जोड़ो पर सूजन और दर्द तेज हो तो Namak को बालू या मिटटी के साथ गर्म करके पोटली बांध ले। दर्द हो रहे अंगो को सेंके इससे दर्द और सूजन में बहुत आराम मिलता है।
  • आधा चम्मच नमक, चार चम्मच तिल का तेल मिलाकर गर्म कर ले। गठिया में हो रहे दर्द के स्थान पर मालिश करे इससे दर्द और सूजन में काफी लाभ मिलता है।

गृध्रसी या सायटिका

कमर से सम्बन्धित नसों में किसी एक में सूजन आ जाने या दबाव पड़ने से पूरे पैर में असहनीय दर्द उठता है। जिसे गृध्रसी या सायटिका कहते है। ये मेरुदंड की विकृतिया, मलावरोध, अधिक चलने, सर्दी लगने, गर्भ आदि के कारण होती है। इसकी पीड़ा नितम्ब से प्रारम्भ होकर पैर अंगूठे तक होती है। घुटने में इसकी पीड़ा अधिक रहती है।

  • 15 ग्राम भाँग और 1 चम्मच नमक ले, दोनों को एक लीटर पानी उबाले। उसमे एक सूती कपडा भिगोकर दर्द वाली टांग के जगह को सेंके। सुबह शाम सेकने से लगभग 10 से 15 दिन में सायटिका का दर्द ठीक हो जायेगा।

विषैले दंश

मधुमखी , भिड़ या किसी कीट के डंक मारने बहुत तेज दर्द उठता है, सूजन आ जाती है। इसके दर्द बहुत अधिक होता है।

  • डंक मारे हुए जगह पर शुद्ध पानी डालकर नमक Namak रगड़े। इससे जलन, दर्द नहीं होगा और सूजन भी नहीं आएगी। ऊपर से नमक और पानी का मिश्रण पिए।

सिरदर्द

इसके होने के बहुत से कारण है जैसे चिंता, तनाव, किसी चीज से परेशान रहना, बीमारी आदि। सिरदर्द धीरे-धीरे प्रारम्भ होकर बहुत तेज हो जाता है। जो की बाद में असहनीय होता है।

  • एक चुटकी नमक लेकर जीभ पर डालकर चूसते रहे। नमक के समाप्त होने के बाद फिर से चुटकी भर नमक लेकर जीभ पर रखकर चूसे। ऐसा लगातार दस मिनट्स तक करते रहे, बाद में एक गिलास ठंडा पानी पिए। सिरदर्द ठीक हो जायेगा।
  • 1/4 कप जल में 3 ग्राम ये तीन चने के बराबर नमक मिलाकर उस पानी को सूघने से सिरदर्द में आराम मिलता है।

अधकपारी

आधे सिर में दर्द होना अधकपारी कहलाता है।

  • इसमें आधा चम्मच नमक, आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटे। इससे लाभ होता है।

पायरिया

खाते-पीते समय दांतो में कीड़े लग जाते है संक्रमण हो जाता है। दांत सड़ने लगते है और मसूढ़ों में तेज दर्द उत्पन्न हो जाता है। पायरिया दांतो को ठीक से साफ़-सफाई न रखने के कारण भी होता है।

  • सेंधा नमक बारीक पीसकर कपडे से छान ले। फिर एक भाग नमक लेकर चार भाग सरसो का तेल में मिलाकर प्रतिदिन इससे मंजन करते रहे। इससे पायरिया ठीक हो जाता है। इसके अलावा दांतो के अन्य रोग जैसे दांतो में दर्द, पानी लगना, सूजन ठीक हो जाते है।
    इसमें गाजर का रस पिए और इसको अधिक मात्रा में खाये।

मलेरिया

ये एक प्रकार के फीमेल एनाफिलेस मच्छर के काटने से होता है। इससे हमारे लाल रक्त कणिकाओं में संक्रमण फ़ैल जाता है। मलेरिया में ठण्ड लगकर तेज बुखार आना, उल्टी होना, जी मिचलाना, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी, खून की कमी आदि लक्षण दिखाई देने लगते है।

  • किसी भी प्रकार का मलेरिया हो, नमक से ठीक हो जाता है। खाया जाने वाला नमक तवे पर अच्छी तरह इतना सेंके की वह भूरे रंग का हो जाये। यह बच्चे के लिए आधा चम्मच और बड़ो के लिए एक चम्मच एक गिलास गर्म पानी में घोल ले। मलेरिया बुखार आने से पहले खाली पेट पिला दे। इससे बुखार नहीं चढ़ेगा यदि चढ़ेगा तो हल्का। 2-3 दिन लगातार सुबह शाम पीने से मलेरिया का बुखार ठीक हो जायेगा।
  • 1/4 चम्मच नमक 1 कप गर्म पानी में मिलाकर दिन में चार बार दो दिन तक पिलाये। मलेरिया बुखार में आराम मिल जायेगा।
    मलेरिया सर्दी लगना, बुखार, शरीर में जकड़न, सिरदर्द, जुकाम, गले में खरास है। इसमें 15 तुलसी के पत्ते, 3 कालीमिर्च, थोड़ी सी पीसी हुए सोंठ, स्वादानुसार सेंधा नमक ले। इसे एक गिलास पानी में उबाले। 1/4 भाग पानी रहने पर दिन दो बार सुबह व रात को सोते समय गर्म-गर्म पिए। जब तक मलेरिया ठीक न हो तब तक इसे लेते रहे।

ज्वर बुखार

सामान्य तौर पर मूत्र मार्ग में संक्रमण, गलत खान-पान से किसी कीट के काटने से ज्वर बुखार हो सकता है।

  • आधा गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच नमक डालकर प्रतिदिन सुबह दोपहर शाम पिए। बुखार ठीक हो जायेगा।

धूप में झुलसना

ज्यादा धूप में रहने के कारण हमारी त्वचा को बहुत नुकसान पहुँचता है। जिससे हमारे त्वचा झुलस कर काले पड़ जाते है। इससे छुटकारा पाने के लोग बहुत से सनबर्न लोशन, क्रीम आदि का इस्तेमाल करते है। आइए हम बताते है आपको सबसे आसान उपाय।

  • कच्चे दूध लेकर उसमे जरा सा नमक डालकर काले धब्बो पर 2-3 मिनट्स तक मले। आधे घंटे बाद इसे धुल ले। त्वचा निखर जायेगा।

निम्न रक्तचाप

इसमें नसों और धमनियों में रक्त परवाह का दबाव कम हो जाता है। जिससे ह्रदय, मस्तिष्क और गुदा जैसे प्रमुख अंगो को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पौष्टिक पदार्थ नहीं मिल पाते है। जिससे वे सही ढंग काम नहीं कर पाते और स्थायी रूप से क्षति ग्रस्त हो जाते है। इस कारण से रक्त चाप निम्न हो जाता है। समस्या से छुटकारा पाने के लिए ये उपाय अपनाये।

  • जिनके रक्त का दबाव कम रहता है। उन्हें दिन में दो से तीन बार एक चम्मच Namak तथा एक चम्मच चीनी को एक लीटर शुद्ध पानी में मिलाकर पीना चाहिए। इससे आराम मिलता है।

नोट:- अधिक मात्रा में नमक सेवन करने से रक्तचाप बढ़(हाई ब्लड प्रेशर) जाता है। इससे हड्डियां का कमजोर होना, खाज-खुजली की समस्या उत्पन्न होने लगती है।

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