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Pyaj ke fayde | प्याज के फायदे

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प्याज Pyaj

इसको अंग्रेजी में ओनियन Onion कहते है। ओनियन किचन की शान है। इसमें ऐसे योगिक तत्व पाए जाते है जो की हमारे शरीर को रोगो से बचाते है। यो तो प्याज कैसा भी हो लेकिन हरी पत्तियों वाले pyaj मोटे परिपक्व pyaj की अपेक्षा गंध कम होती है। भुने हुए onion, सब्जी में उबालने पर onion की गंध बहुत कम हो जाती है।

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प्याज की गंध

इसको काटकर छाछ में थोड़ी देर भिगोकर उसी में धुल ले। इसे पकाने पर गंध नहीं रहती और विटामिन-सी नष्ट नहीं होती है।

प्याज को कैसे खाया जाये

सबसे पहले इसको छोटे-छोटे टुकड़े काटकर धुल ले। उसपर निम्बू के रस और आवश्यकतानुसार कालीमिर्च, सेंधा नमक भुरभुराकर खाए। इसमें मौजूद रस और विटामिन प्राप्त होंगे।

प्याज के प्रकार

ये तीखापन, चरपरापन एक उड़नशील पदार्थ एलाइल प्रोपाइल डाई-सल्फाइड मौजूद रहने के कारण होता है। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते है सफ़ेद और लाल। सफ़ेद प्याज स्फूर्तिदायक, पौरुष शक्ति बढ़ाने वाला होता है। ये आयुर्वेद चिकित्सा में बेहद लाभकारी होता है। जबकि लाल प्याज भूख बढ़ाने वाला, अनिद्रा दूर करने वाला और जीवाणुनाशक होता है।

प्याज के फायदे pyaj ke fayde

दाद, खाज, खुजली

ये त्वचा से सम्बंधित समस्याएं है। इसमें छोटे-छोटे दाने पड़कर खारिस होने लगती है और लाल चकत्ते पड़ जाते है। कभी-कभी इसमें पानी भी निकलने लगता है जिसे हम आम भाषा में पंछा कहते है।

  • इसमें प्याज के रस को निकालकर एक साफ़ बर्तन में रख ले। खाज, खुजली को साफ़ करके रस को उसी पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है।

चेहरे या शरीर पर काले दाग

चोट लग जाने से या चेहरे, गले या शरीर के अन्य भाग पर दाने से काले दाग पड़ जाते है। जिससे त्वचा की सुंदरता कम हो जाती है।

  • ताजे pyaj का रस निकाल कर काले धब्बो वाले जगह पर लगाने से ये मिट जाते है।

सुंदरता बढ़ाने में उपयोगी प्याज

आजकल महिलाये सुंदरता बढ़ाने के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक वस्तुए का उपयोग करती है। जिसमे कुछ लाभदायक तो कुछ हानिकारक होता है। पूरी जानकारी न होने की वजह से केमिकल वाले सामान का उपयोग करने से उसका त्वचा पर उल्टा प्रभाव पड़ता है। सुंदरता बढ़ाने के लिए आइए हम बताते है-

  • गाय का घी तीन चम्मच, शहद आधा चम्मच, प्याज का रस आधा चम्मच, अदरक का रस एक चम्मच ले। इन सबको अच्छी तरह से एक साफ़ बर्तन में मिला ले। इसको सुबह शाम दो-दो चम्मच ले। ये शरीर की थकावट दूर करके सौंदर्य, शक्ति और उत्साह में वृद्धि होती है।
  • प्याज में मसाला भरकर एवं उसका ताजा अचार बनाकर लगातार 15 दिन तक सेवन करे। इससे भूख बढ़ती है, थकावट दूर करके अच्छी नींद आती है। पाचनशक्ति को ठीक कर सौंदर्य को बढ़ाता है।

बिवाइयां

सर्दी के मौसम में अकसर एड़ियां फटने लगती है जिसे बिवाइयां कहते है। इसमें दर्द भी होता है और कभी-कभी खून भी आ जाता है।

  • प्याज का रस निकाल कर उसमे मख्खन मिलाकर लगाने से एड़िया मुलायम हो जाती है। इससे होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है।

बवासीर

वैसे बवासीर दो तरह के होते है बाहरी और अंदरूनी। अंदरूनी बवासीर में मस्से दिखाई नहीं देते जबकि बाहरी बवासीर में मस्से गुदा से बाहर निकले हुए होते है। अगर मल त्याग करते समय साथ में खून भी आ रहा है तो उसे खुनी बवासीर कहते है। बाहरी बवासीर में मस्से में सूजन, तेज दर्द, जलन इत्यादि रहता है। जिससे सहन करना बहुत कठिन रहता है।

  • पाइल्स के तेज दर्द होने पर एक pyaj को भूनकर उसके जले हुए छिलके हटा दे। उसे पीसकर, घी में भूनकर बवासीर पर लगाने से दर्द तुरंत मिट जाता है।
  • खूनी बवासीर में आधा कप प्याज के रस में पिसी मिश्री या चीनी मिला ले। इसे सुबह शाम पीने से बहुत आराम मिलता है।

पालतू जानवरो के काटने पर प्याज के महत्व

अक्सर हम लोग देखते है कि पालतू जानवर भी किसी कारणवश काट लेते है। जिससे पीड़ित व्यक्ति को संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इससे रेबीज रोग होने का खतरा होता है। इसलिए तुरंत चिकित्सा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अगर उस समय चिकित्सा उपलब्ध नहीं है। तो इमर्जेन्सी में आप आयुर्वेद चिकित्सा की मदद ले सकते है।

  • सबसे पहले pyaj और पुदीने को सामान मात्रा में रस लेकर ताम्बे के बर्तन में पांच मिनट्स तक रखे। उसके बाद काटे हुए स्थान पर लगाने से विष का प्रभाव कम होता है।

बेहोशी

मानसिक तनाव, चिंता, आघात या किसी और कारणवश व्यक्ति को बेहोशी आ जाती है।

  • इसमें एक प्याज लेकर उसे अच्छी तरह कूट ले। इसको सुंघाने से व्यक्ति को होश आ जायेगा।

दमा रोग

इस रोग में मरीज को सांस लेने में बहुत परेशानी होती है। फेफड़ो की नलियों के छोटे-छोटे तंतुओं में जब अकड़न युक्त संकुचन उत्पन्न होता है। तो फेफड़ा सांस द्वारा लिए गए वायु को पचा नहीं पाता है। जिससे मरीज को पूरा सांस लिए बिना ही सांस बाहर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। इसे ही दमा कहते है।

  • पांच चम्मच प्याज का रस, पांच चम्मच पानी, थोड़ा सा भूना हुआ हींग और काला नमक मिला ले। इसे सोते समय पीने से लाभ मिलता है।

दांत के रोग

गलत खान-पान के कारण दांतो में भोजन के कण फस जाने से कीड़े लग जाते है। सही से साफ़ सफाई न हो पाने के कारण दांतो में दर्द, मसूढ़ों में सूजन, ठंडा गर्म दांतो में लगना। इन सब समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

  • प्रतिदिन एक कच्चा प्याज चबा-चबाकर खाये। इससे बहुत लाभ मिलता है।

दस्त

उल्टा-सीधा खाने की वजह से खट्टी डकारे, उल्टी आना, दस्त आदि होने लगते है। जिससे रोगी को अगर सही समय पर इलाज न किया जाये तो और अधिक समस्या हो जाती है।

  • ताजा प्याज का रस 20 मिली और सामान मात्रा में पानी मिलाकर पिए। एक चम्मच प्याज का रस लेकर पेट और नाभि के आस-पास लगाकर धीरे-धीरे मले। इससे बहुत लाभ मिलता है।

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