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Saunf ke fayde aur nuksan सौंफ के फायदे और नुकसान

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Saunf ke fayde सौंफ के फायदे

सौंफ Saunf को अंग्रेजी में अनीसीड Aniseed या फेनेल Fennel के नाम से जाना जाता है। इसका प्रमुख कार्य पाचन संस्थान पर होता है। खाना खाने के बाद एक चम्मच सौंफ खाना सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है। सौंफ खाने से जीवन स्वस्थ रहता है, गैस नहीं बनता और पाचन क्रिया सही से काम करता है। सौंफ विशेष रूप से शुक्रवर्द्धन, स्त्रियों के मासिक धर्म, गर्भावस्था में गर्भपात की समस्या काम आती है। इससे नेत्र-ज्योति तेज, त्वचा आदि रोंगो में बहुत लाभ मिलता है। गर्मी में चाय में सौंफ डालकर पीने से स्वास्थ अच्छा बना रहता है।

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आँख आना या आँख का दुखना

-दो चम्मच Saunf को एक गिलास पानी में उबाले। आधा पानी रहने पर इसे उतार गुनगुना रहने तक ठंडा करे। गुनगुना रहते ही सुबह शाम पिए। इस पानी से आँख बंद करके धुले। इससे सूजन, जलन और दर्द में आराम मिलता है। आँखे जल्दी ठीक हो जाती है।

नेत्रज्योति बढ़ाना

-बादाम गिरी, मिश्री और सौंफ को सामान मात्रा में लेकर पीस ले। तीन चम्मच रोज रात को सोते समय कम से कम दो महीने तक गर्म दूध के साथ ले। इससे नेत्र ज्योति बढ़ेगी। स्मरणशक्ति बढ़ेगी और शरीर पुष्ट रहेगा।

पेशाब में जलन, पेंशन रुक-रूककर आना

-चार चम्मच Saunf को एक गिलास पानी में भिगोकर रखे। चार घंटे बाद सौंफ को छानकर निकाल ले। इसे पीसकर पानी में मिला ले। आवश्यकतानुसार चीनी मिलाकर सुबह शाम प्रतिदिन पिए। पेशाब में जलन दूर होता है। पेशाब खुलकर आता है।
-प्रतिदिन खाने के बाद पिसी हुई सौंफ की फंकी ले। इससे पेशाब की जलन को दूर कर पेशाब खुलकर आता है।

मोतियाबिंद

-इसमें 50 ग्राम धनिया और 50 ग्राम Saunf ले। इन दोनों को पीसकर 50 ग्राम देशी बूरा मिला ले। ढाई-ढाई चम्मच सुबह शाम प्रतिदिन कम से कम दो महीने तक ले। इससे मोतियाबिंद में धीरे-धीरे आराम मिलता है।

धुम्रपान की आदत छुड़ाना

-Saunf चार चम्मच, काला नमक पिसा हुआ दो चम्मच, अजवाइन आठ चम्मच ले। इन सबको निम्बू के रस में भिगोकर छाया में सूखा ले। जब सिगरेट, बीड़ी, गुटखा आदि खाने का मन करे। आधे चम्मच मिश्रण को लेकर धीरे-धीरे चबाते हुए रस चूसते रहे। इससे धीरे-धीरे धुम्रपान करने की इच्छा समाप्त हो जाएगी।
-घी में सौंफ को सेककर एक साफ़ बर्तन में रख ले। जब भी धुम्रपान करने की इच्छा हो तो तो आधे चम्मच चबाये। इससे सिगरेट पीने की इच्छा समाप्त हो जाएगी। अपने आप पर धुम्रपान के प्रति काबू रहेगा।

गर्मी की फुंसियों से राहत

ज्यादातर फुंसिया गर्मियों में ही निकलती है। इससे छुटकारा पाने के लिए सौंफ एक बेहतर तरीका है।
-चार चम्मच मिश्री और चार चम्मच सौंफ को बराबर मात्रा में लेकर पीस ले। इसे प्रतिदिन सुबह शाम गर्मियों में पानी के साथ घोलकर पिलाने से बहुत फायदा होता है।

रक्तशोधक

-सौंफ रक्त को शुद्ध करने में बहुत कारगर है। भोजन करने बाद दो-दो चम्मच की मात्रा में दो बार प्रतिदिन सौंफ का सेवन करने से रक्त शुद्ध होता है।

जी मिचलाना, उल्टी आना या जी घबराना

अगर मन घबरा रहा हो और उसके साथ उल्टी या जी मिचला रहा है।
-पुदीना और Saunf को बीस-बीस ग्राम की मात्रा में लेकर दो कप पानी में उबाले। जब पानी एक कप रह जाये इसे छानकर रोगी को पिलाये। दिन तीन बार इसी मात्रा में दे। इससे रोगी ठीक हो जाता है।

गर्भवस्था में उल्टी होना

-आधा लीटर दूध में 75 ग्राम Saunf लेकर अच्छी तरह लेकर उबाल दे। इसे छानकर आवश्यकतानुसार मीठा मिला ले। इसको तीन भाग करके हर तीन घंटे में पिलाये। इससे गर्भावस्था में होने वाली उल्टी बंद हो जाती है।

नींद अधिक आने पर

-जिस व्यक्ति को नींद अधिक आती हो, सुस्ती हो। आधा लीटर पानी में दस ग्राम Saunf उबाले। चौथाई भाग रह जाने पर इसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर सुबह शाम दस दिन तक पिए। इससे नींद नहीं आएगी।

अनिद्रा

-नींद न आने पर 15 ग्राम Saunf लेकर 400 मिली पानी में उबाले। 1/4 भाग रह जाने पर इसे छान ले। इसमें गाय का 250 ग्राम दूध और 10 ग्राम घी और स्वादानुसार चीनी मिलाकर सोते समय पिए। अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है।

कब्ज होना

खान-पान सही न होने से या तेल मसाले वाली चीजे ज्यादा सेवन करने से कब्ज हो जाता है।
-इसमें एक गिलास पानी में चार चम्मच सौंफ उबाले। जब आधी पानी रह जाये तो इसे छानकर पिए। कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।
-गर्म पानी के साथ एक चम्मच सौंफ को सोते समय फंकी लेने से कब्ज दूर हो जाएगी।
-80 ग्राम सौंफ को बारीक पीस कर रख ले। Saunf दो चम्मच और दो चम्मच गुलाब के गुलकंद में मिलाकर सुबह शाम भोजन के बाद ले। कब्ज से राहत मिलती है।

नाभि हटना या नाड़ी उखड़ना

शरीर के ज्यादा खिचाव से या पेड़ से अधिक लटकने पर नाड़ी उखड जाती है। अगर नाड़ी बैठवाने के बाद भी बार-बार उखड जाती है तो-
-थोड़े से गुड़ में दो चम्मच पिसी हुई Saunf को मिला ले। प्रतिदिन सुबह के समय खाली पेट दस दिन तक खाये। इससे नाभि के हटने की समस्या दूर हो जाएगी।

गर्भपात की समस्या

-अगर गर्भपात की समस्या आती हो तो 60 ग्राम Saunf ले। इसे 30 ग्राम गुलाब के गुलकंद में पीसकर पानी मिला ले। प्रतिदिन एक बार पीने से गर्भपात होना रुक जाता है।
-पूरे गर्भ के समय में सौंफ का अर्क पीते रहने से गर्भपात होने की समस्या नहीं होती है।

पेट में गैस बनना

-भोजन करने के बाद Saunf के सेवन से गैस निकल जाती है। पाचनशक्ति भी सही रहता है। दाल या सब्जी जो भी खाये उसमे सौंफ का छौंका जरूर लगाए। इससे पेट में गैस नहीं बनने देती है।
-एक कप पानी में दो चम्मच सौंफ को उबालिये। इस पानी को छानकर छोटे बच्चो को एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार पिलाये। इससे बच्चो में गैस और दस्त में बहुत लाभदायक होता है।
-आधा कप पानी में एक चम्मच सौंफ को सोते समय भिगो कर रख दीजिये। सुबह के समय इसे छानकर गाय के दूध के साथ मिलाकर पिलाये। बच्चो को होने वाले गैस और दस्त में फायदा होता है।

मुंह से होने वाले दुर्गन्ध को रोकना

लहसुन, प्याज या धुम्रपान के कारण मुंह से दुर्गन्ध पैदा होना आम बात है।
-दो चम्मच सौंफ को तवे पर सेक ले। इसे दिन में चार बार आधी-आधी चम्मच की मात्रा में चबाये। इससे मुंह से आने वाले दुर्गन्ध दूर होता है।

पेटदर्द

गलत खान-पान के कारण पेट में दर्द होने लगता है। जो असहनीय होता है।
-इसमें Saunf और सेंधा या काला नमक पीस ले। गर्म पानी के साथ फंकी लेने पर पेट दर्द दूर होता है।
-तवे पर सेंकी हुई सौफ के सेवन से पाचन क्रिया के ख़राब से होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

अस्थमा या दमा

-दमा से परेशान रोगी को सौंफ बहुत ही कारगर उपाय है। इसमें प्रतिदिन सुबह शाम खाने के बाद एक-एक चम्मच सौंफ खाने से दमा रोग दूर होता है।

खांसी

बदलते मौसम के कारण शरीर पर प्रभाव पड़ता है। जिससे सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी बीमारियां हो जाती है।
-दो चम्मच अजवाइन और दो चम्मच Saunf को आधा लीटर पानी में उबाले। हल्का ठंडा रहने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर छान ले। इसे हर घंटे में तीन-तीन चम्मच पिलाने पर खांसी छूमंतर हो जाती है।
-इसे चबाकर खाने से भी खांसी कम हो जाती है।

सर्दी जुकाम

-सर्दियों के समय में होने वाले सर्दी जुकाम में तीन लौंग और पंद्रह ग्राम सौंफ ले। इसे आधा लीटर पानी में उबाले। 1/4 भाग पानी रहने पर इसमें चीनी या बूरा मिलाकर पिए। इससे सर्दी जुकाम में आराम मिलेगा।

बुखार या ज्वर

-ज्यादा बुखार हो जाने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसमें एक गिलास पानी में बीस ग्राम सौंफ को उबाले। इसे दो-दो चम्मच बार-बार पिलाने से बुखार कम हो जाता है।

रक्त चाप

-इस रोग में 100 ग्राम मिश्री के साथ 50 ग्राम सेंकी हुई Saunf और 50 ग्राम कच्ची सौंफ पीस ले। इसे दिन दो बार पानी के साथ फंकी ले। इससे रक्त चाप सामान्य होता है।

Saunf ke nuksan सौंफ के नुकसान

  • इसे ज्यादा सेवन करने छींक, पेट दर्द जैसे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • शिशुओं को स्तनपान करा रही महिलाओ को सौंफ का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शिशु के स्वास्थ पर प्रभाव पड़ सकता है।
  • अधिक मात्रा में Saunf सूरज की रोशनी के लिए त्वचा की संवेदनशीलता को बढ़ा सकती है। और त्वचा संवेदनशीलता में वृद्धि होने के कारण सूर्यदाह होने की संभावना बढ़ सकती है।
  • यह भूख को कम करता है। सौंफ [Saunf in english] का ताजा बीज प्राकृतिक वसा नाशक के रूप में कार्य करता है। इसलिए इसके इस्तेमाल से वजन घटता है।

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